दरियाबाद (बाराबंकी)। ब्लॉक क्षेत्र के एक गांव में सौ से अधिक बंदरों के अचानक मरने की सूचना पर हड़कंप मच गया। आनन फानन में पुलिस के साथ वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जहां पर पड़ताल में आधा दर्जन बंदरों के शव ही मौके पर बरामद हुए। जिसमें दो शव क्षतिग्रस्त होने से दफन कर दिए गए, जबकि चार शवों का पोस्टमार्टम के बाद उनका विसरा सुरक्षित किया गया है। ग्रामीण बंदरों को जहर देने की बात कह रहे हैं।
दरियाबाद थाना के सेमोर गांव के जंगल व आम की बाग में मंगलवार की सुबह कई बंदरों के शव दिखाई पड़े। इसकी सूचना पुलिस व वन विभाग को ग्रामीणों ने दी। जिस पर डिप्टी रेंजर दिलीप गुप्ता के नेतृत्व में वन टीम व पुलिस मौके पर पहुंची। जहां टीम को आधा दर्जन शव ही मिले, जिसमें दो शव क्षत विक्षत अवस्था में थे।
इन दोनों शवों को मौके पर ही दफन करा दिया गया। वहीं चार शव को पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय दरियाबाद भेजा गया। पीएम के बाद विसरा को सुरक्षित रखा गया है। वन विभाग सिर्फ चार बंदरों की मौत होने की बात कह रहा है।
ग्रामीण बता रहे बंदरों को दिया गया जहर
ग्रामीणों के मुताबिक सौ के आसपास बंदरों की मौत हुई है। इन्हें जहर देकर मारने की आशंका भी जताई जा रही है। ग्रामीण बताते हैं कि गांव के अंदर दिन में जहां बंदर दिखाई दिए उन्हें दफन कराया गया। कई बंदरों को तड़प कर दम तोड़ने की बात ग्रामीणों ने पुलिस से बताई है।
मौके पर पहुंचे एसएसआई विशुन शर्मा, मनोज कुमार ने बाग व जंगल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि सागौन की बाग में एक व आम के पेड़ पर लटकता हुआ एक बंदर सुबह मरा पड़ा था। थानाध्यक्ष पीसी शर्मा ने बताया कि छह बंदर ही मरे है। इस घटना पर हियुवा के तहसील प्रभारी विनय सिंह ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
सौ बंदरों की मरने की बात गलत है, छह बंदरों की मौत हुई है। जिनका पोस्टमार्टम कराकर विसरा सुरक्षित रखा गया है। आगे की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा कार्यवाही की जाएगी।
डॉ.एनके सिंह, डीएफओ।