बाराबंकी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस बार सत्र की शुरुआत में ही शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश पाने वाले बच्चों के अभिभावकों के के खाते में डीबीटी से पांच हजार रुपये की धनराशि भेज दी है। इससे अभिभावक बच्चों की किताबे, स्कूल की ड्रेस व स्टेशनरी इत्यादि की खरीद आसानी से कर पा रहे हैं। उनके बच्चे भी अब बाकी बच्चों की तरह टाई-बेल्ट लगाकर स्कूल पहुंच रहे हैं।
जिले के 2900 बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में प्रति छात्र 5000 रुपये के हिसाब से कुल 1.45 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की गई है।
इस सहायता राशि से अभिभावक अपने बच्चों के लिए 10 आवश्यक किताबें, ड्रेस, जूते-मोजे और स्टेशनरी समय पर खरीद पा रहे हैं। पहले हर साल यह पैसा सत्र के आखिरी पड़ाव अर्थात मार्च महीने में अभिभावकों के खाते में भेजा जाता था। ऐसे में पूरे साल अभिभावकों को बच्चों की किताबों, स्टेशनरी और स्कूली ड्रेस खरीदने के लिए परेशानी उठाना पड़ती थी।
इस बार विभाग ने दाखिले के तुरंत बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी करते हुए बीते अगस्त माह में ही प्रवेश लेने वाले बच्चों के अभिभावकों के खातों में पैसा भेज दिया है। बीएसए नवीन कुमार पाठक ने बताया कि सत्यापन का काम समय से पूरा हो जाने के कारण ही अगस्त माह में ही 2900 बच्चों के अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी जा चुकी है।
इससे अभिभावक सत्र की शुरुआत में ही बच्चों के लिए किताबें और ड्रेस खरीद पा रहे हैं। (संवाद)