जनपद के 45 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को अव्यवस्थाओं के बीच उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में शासन से जनपद को साढ़े 22 हजार परीक्षार्थी आवंटित थे। मगर मेमू ट्रेनों का संचालन ठप होने और शहर में जगह-जगह जाम लगने से करीब नौ हजार परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई।
केंद्रों पर देरी से पहुंचने पर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। जिससे वह निराश होकर लौट गए। घर लौटने के लिए भी परीक्षार्थियों को कम दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। तमाम परीक्षार्थियों को ट्रेन और बसों में लटककर वापसी करनी पड़ी।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा रविवार को वनरक्षक, वन्यजीव रक्षक, विधान रक्षक व विधान अग्नि रक्षक पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा सुबह दस बजे से होनी थी। तमाम परीक्षार्थी तो सुबह नौ बजे से ही केंद्रों पर पहुंच गए लेकिन रविवार को बाराबंकी आने वाली चार मेमू ट्रेनों और कानपुर-फैजाबाद इंटर सिटी अप व डाउन ट्रेनों के निरस्त होने के चलते तमाम परीक्षार्थी समय से केंद्र पर नहीं पहुंच सके। जिससे करीब 41 फीसदी परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई।
केंद्र जनेस्मा में आवंटित एक हजार परीक्षार्थियों के सापेक्ष 416 की परीक्षा छूटी जबकि जीजीआईसी नगर में पांच सौ के सापेक्ष 161 परीक्षार्थियों की परीक्षा छूटी। अन्य केंद्रों पर भी परीक्षार्थियों की अनुपस्थित का यही हाल रहा।
जनेस्मा केंद्र पर परीक्षा देने आए आशीष कुमार ने बताया कि मेमू का संचालन बंद होने की जानकारी नहीं होने से वह केंद्र पर करीब 20 मिनट देरी से पहुंचे। जिस पर पुलिस व कॉलेज के लोगों ने अंदर नहीं जाने दिया। यही कहना था उन्नाव के दिनेश कुमार व अमित सिंह का। लखनऊ की प्रिया श्रीवास्तव का परीक्षा केंद्र जीजीआईसी नगर में था। प्रिया ने बताया कि जाम के चलते वह भी समय से केंद्र पर नहीं पहुंच सकीं।
जीआईसी नगर में फैजाबाद से परीक्षा देने आए विनोद सिंह ने बताया कि कई जगह पर जाम लगा रहा। जिससे कई परीक्षार्थी समय से केंद्रों पर नहीं पहुंच सके और उनकी परीक्षा छूट गई। अनुमान के मुताबिक करीब नौ हजार दो सौ परीक्षार्थियों की परीक्षा छूटी है।