सिद्धौर क्षेत्र मेें पडऱावां गांव के समीप हाजीपुर माइनर को मिट्टी की ढुलाई के लिए एक ब्रिक फील्ड द्वारा पटवा दिया गया। मंगलवार की रात पानी छोड़े जाने पर माइनर उफना गई। रात में माइनर में पानी आने से आस-पास के दो गांवों की करीब दो सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई।
सुबह खेत गए एक किसान ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। फसल पानी में डूब जाने से आक्रोशित किसानों ने ब्रिक फील्ड का घेराव कर प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ब्रिक फील्ड के मुनीम को पकड़ कर थाने ले आई और किसानों को समझा कर शांत कराया। लेकिन किसान फसल नुकसानी के मुआवजे की मांग पर अड़े हैं।
क्षेत्र के पडऱावां गांव के पास सिद्धेश्वर ब्रिक फील्ड के नाम से भट्ठा संचालित है। भट्ठा पर ट्राली से मिट्टी ढुलाई के लिए भट्ठा संचालक सुमित सिंह द्वारा हाजीपुर माइनर में सीमेंट के पाइप डाल कर पाट दिया गया था। मंगलवार की रात माइनर में पानी छोड़े जाने के बाद यह माइनर उफना गई और किसानों के खेतों में पानी भर गया। भोर में खेत गए किसान ने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी।
फसल डूबने से परेशान किसान रजबहा किनारे एकत्र हो गए। गांव के कौशलेंद्र सिंह की अगुवाई में किसानों ने सिद्धेश्वर ब्रिक फील्ड घेर लिया और प्रदर्शन करने लगे। ब्रिक फील्ड पर मौजूद मुनीम पंकज सिंह ने थाने पर सूचना दी। कुछ ही देर में पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाया लेकिन आक्रोशित किसान शांत नहीं हुए और भट्ठा मालिक को बुलाने और फसल नुकसानी का मुआवजा दिलाने की मांग करते रहे। मौके पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य बिंद्रा प्रसाद ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।
भट्ठा मालिक का बुलाने और बात कराने के आश्वासन के बाद काफी समझाने के बाद किसान शांत हुए। रामचंदर, जगलाल, दीन दयाल, सुभाष आदि किसानों का कहना है कि भट्ठा मालिक से कई बार पटाई हटवाने के लिए कहा गया लेकिन किसानों की एक न सुनी। माइनर पटवाने की वजह से ही उनकी फसल डूब गई है।
दो गांवों की करीब दो सौ बीघा गेहूं, आलू, सरसों, मसूर, चना आदि की फसल पानी में डूब गई। इसमें कई किसानों ने जल्दी ही गेहूं की बोआई की थी। किसानों का कहना है कि पानी भरने से फसल नष्ट हो जाएगी। फसल डूबने से पडऱावां व निमतियापुर के किसान प्रभावित है।
किसानों की शिकायत पर ब्रिक फील्ड पर मौजूद मुनीम को थाने लाया गया है। भट्ठा मालिक को बुलाया गया है। भट्ठा मालिक के आने के बाद ही मुनीम को छोड़ा जाएगा। भट्ठा मालिक के आने के बाद किसानों से बातचीत कराकर समझौता कराने का प्रयास किया जाएगा। समझौता नहीं होने पर किसानों की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
- वकील सिंह, एसओ थाना कोठी