जिलाधिकारी आज महादेवा महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। अगहनी महदेवा मेला की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सांस्कृतिक पांडाल को भव्य रूप दिया गया है, लेकिन मेला परिसर में कई स्थानों पर लाइट व्यवस्था अधूरी ही है। पानी की टंकी व हैंडपंप देरशाम तक दुरुस्त नहीं कराया जा सका। अपरिहार्य कारणों से लोक गायिका मालिनी का प्रोग्राम निरस्त हो गया। उनके स्थान पर भोजपुरी सुपर स्टार रवि किशन का प्रोग्राम तय हो गया है। अब गुरुवार की शाम की महफिल रवि किशन सजाएंगे।
आज दोपहर दो बजे जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र मंदिर में पूजन अर्चन कर शुभारंभ करेंगे। संस्कृति का अनुपम वैभव बिखरने के लिए लोधेश्वर महादेवा सजधर कर तैयार हो गया है। लोधेश्वर महादेवा में लगने वाले मेले की तैयारियों को बुधवार शाम अंतिम रूप दिया गया। महादेवा महोत्सव में सांस्कृतिक पांडाल को रंग बिरंगी लाइटों समेत भव्य रूप दिया गया है, लेकिन कुछ जगहों पर तैयारियां अभी भी अधूरी ही हैं।
मंदिर परिसर में दो हाईमास्क लाइटें लगाई गई हैं जो दुरुस्त कराने की बाट जोह रही हैं। अभरन तालाब के किनारे हाईमास्ट लाइट व सौर ऊर्जा लाइट तथा बैंक के सामने मुख्य चौराहे पर लगी हाईमास्ट लाइट को देर शाम तक दुरुस्त नहीं किया जा सका। मंदिर परिसर में लगी पानी की टंकी व एक हैंडपाइप व पुलिस चौकी के सामने रोड किनारे लगा हैंडपंप खराब पड़ा है।
कई वर्षों बाद दंगल में जुटेंगे पहलवान
कई वर्षों बाद मेले में दंगल का आयोजन किया है। 11 व 12 दिसंबर को आयोजित दंगल में कई जिले के पहलवान अपने-अपने दांवपेंच अजमाएंगे। अयोध्या से पहलवान बजरंगी, वाराणसी से अरविंद पहलवान, मेरठ से संदीप, हरियाणा से रिंका पहलवान, पंजाब से पहलवान रंजीत सिंह, राजस्थान से पहलवान मनीष, नेपाल से पहलवान ध्यानचंद बाबा, दिल्ली से पहलवान राजू, कानपुर से हाजी सिद्दीक, गाजियाबाद से पहलवान संदीप सिंह, एटा से पहलवान खलील, कन्नौज से जितेंद्र यादव समेत क्षेत्रीय पहलवान अपना दमखम दिखाएंगे।
वालीबाल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगी कई जनपदों की टीम
इस बार खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत वालीबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। वालीबाल के संयोजक अनमोल तिवारी ने बताया कि लखनऊ गोमती नगर, बाबू केडी सिंह हास्टल, राजक्लब गोंडा, नेशनल क्लब बहराइच समेत टिकरा, उस्मानपुर की टीमें प्रतिभाग करेंगी।
मेले में लग गए झूले
महोत्सव में इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा कई वर्षो बाद मेले में मैजिक शो का आयोजन किया गया है। इसके अलावा बड़े झूले, ड्रैगन ट्रेन, ब्रेक डांस झूला लगा दिए गए हैं। महादेवा महोत्सव में झूले मेला का लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है।
महाभारत कालीन है लोधेश्वर महादेवा
बनवास काल में महादेवा के शिवलिंग को पांडुपुत्र भीम कैलाश से उठाकर लाए थे। लोधेश्वर महादेवा को शिवक्षेत्र बताने वाले दो ऐसे प्रमाण है जो शताब्दियों पहले लिखे गए थे। जिनमें एक प्रस्तर पट और दूसरा ताम्रपट है जो लगभग पचास वर्ष पहले यहां निकटवर्ती क्षेत्र से प्राप्त हुए थे। इतिहास प्रसिद्ध कन्नौज के राजा हर्षवर्धन के समय में तो यह क्षेत्र बहुत ही प्रसिद्ध रहा है। भौखरि राजघरानों की वंशावली प्रमाणित करने वाला देश का एक मात्र यह शिलालेख पचास वर्ष से कुछ अधिक हुए हड़ाहा ग्राम में प्राप्त हुआ था।