हैदरगढ़ (बाराबंकी)। सिल्ट सफाई के दौरान पटरी पर पड़ी बालू व मिट्टी के अवैध खनन के चलते लाही माइनर नहर उफनाकर बह रही है। माइनर का पानी सीधे खेत में पहुंचने से किसानों की 50 बीघा फसल बर्बाद हो गई है। माइनर की सफाई करते समय पुलिया के नीचे से सिल्ट भी नहीं निकाली गई थी। इससे पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
क्षेत्र में नहरों की सिल्ट सफाई में धांधली की गई। इसके साथ ही पटरी पर अवैध खनन कर बालू व मिट्टी उठा ली गई है। हैदरगढ़ ब्रांच पर धरौली गांव के पास निकली लाही माइनर देवइचा से होकर लाही तक सिंचाई का पानी पहुंचाती है। मिश्रन का पुरवा, रघुनाथगंज, चिलूला, देवगरपुर, बहुता, गोकुलपुर, भाली का पुरवा, देवइचा, श्रीकृष्णपुर, पितवाखेर, बनवारगंज, देवगरपुर गांवों के किसान नहर के सहारे ही खेती करते हैं। नहर में जेसीबी मशीन से सिल्ट सफाई कराई गई है। पुल व पुलिया के नीचे से सिल्ट व मिट्टी नहीं निकाले जाने की शिकायत किसानों ने की थी। मगर विभाग ने काम पूरा कराए बिना पानी छोड़ दिया।
इस दौरान ठेकेदारों ने निकाली गई बालू के साथ ही पटरी की मिट्टी को भी अवैध खनन के जरिए रातों-रात उठा लिया। पटरी पर अवैध खनन के चलते नहर चलाए जाने पर सोमवार देर रात को पानी पटरी के ऊपर से बहकर सीधे खेतों में भरने लगा। पोखरा चीनी मिल के पास खेत में रखी पेराई के दौरान निकली मैली में पानी भर गया। इससे हजारों रुपये कीमत की मैली बर्बाद हो गई। सूचना पर चीनी मिल कर्मियों ने हेड से पानी को रोककर पटरी पर मिट्टी पटाई शुरू कराई। रामफल रावत, रामदयाल, खेलावन, मातादीन, रामसमुझ, पिंकू पांडेय, बिलई रावत के 50 बीघा खेत में बोई गेहूं व सरसों की फसल में पानी भर गया। स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों की सहमति से पटरी पर अवैध खनन होने का आरोप लगाया है।
इस बारे में सहायक अभियंता शारदा सहायक खंड-28 ने बताया विभाग ने कहीं भी नहर से निकाली गई सिल्ट नीलाम नहीं की गई है। जांच में पटरी पर खनन मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सिल्ट सफाई में धांधली और पटरी पर अवैध खनन के चलते नहर का पानी उफना रहा है। बीते 10 दिन में जरौली, कबूलपुर, लिल्हौरा, लाही नहर की पटरी कटने से किसानों को नुकसान हुआ है। विभाग से सिल्ट की नीलामी नहीं होने के दावे के विपरीत मौके से सिल्ट गायब है। सिंहपुर रजबहा नहर पर सिल्ट सफाई के दौरान निकाली गई बालू व पटरी की मिट्टी बेचे जाने से किसानों में नाराजगी है।