बाराबंकी। बच्चों की एमडीएम थाली से अब खिलवाड़ नहीं चलेगा। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी बीईओ को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सरकारी स्कूलों का खाना अब पूरी तरह जांच के दायरे में होगा। बच्चों को हर दिन गुणवत्तापूर्ण और गरमा-गरम भोजन मिलेगा। स्कूल में छुट्टी होने तक बच्चों को परोसे गए खाने का सैंपल सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जिले के सभी 2700 परिषदीय, राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में पीएम पोषण योजना को कड़ाई से लागू करने की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही गर्म व ताजा पका भोजन परोसा जाएगा। बीएसए नवीन कुमार पाठक ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय और शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। विद्यालय समयावधि तक भोजन का सैंपल भी सुरक्षित रखना अब अनिवार्य होगा। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।