बाराबंकी। सर्वपितृ अमावस्या पर शनिवार को आलापुर स्थित रेठ नदी तट पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पितरों को जलांजलि अर्पित कर नमन किया। सेवादार मंडल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित अनुष्ठान नगर पुरोहित अरविन्द कुमार मिश्र के सानिध्य में संपन्न हुआ। उन्होंने सर्वपितृ अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिन पूर्वजों का स्मरण कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। कार्यक्रम संयोजक साकेत संत मौर्य ने इसे पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव को मजबूत करना है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
पितरों की शांति के लिए किया रुद्राभिषेक
सिरौलीगौसपुर। खजुरिया गांव में शनिवार को पितरों की शांति के लिए सामूहिक शिवार्चन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 51 दंपतियों ने रुद्राभिषेक किया। मनोरम पांडेय इसके मुख्य आयोजक रहे।
आचार्य अजय बाजपेई ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया। उन्होंने रुद्राष्टाध्यायी का पाठ किया। 51 दंपतियों ने विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन किया। श्रद्धालुओं ने दूध, शहद, गंगाजल और भांग से अभिषेक किया। पंचामृत, कुशजल और सरसों के तेल का भी उपयोग हुआ। इस दौरान पूरा पंडाल हर-हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयघोष से गूंज उठा। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। हनुमानगढ़ी के महंत बाबा बलराम दास ने कहा कि पितृपक्ष में ऐसे आयोजन पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।