बाराबंकी। मसौली क्षेत्र के हजारों किसानों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली जिले की प्रमुख नहर मसौली रजबहा अब फिर से लहलहाते खेतों की गवाह बनने जा रही है। वर्षों से बदहाल पड़ी इस नहर की पुनर्स्थापना के लिए दो करोड़ रुपये की परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। नहर की पटरी मजबूत करने के साथ-साथ उसकी जमीन का सीमांकन भी कराया जाएगा, ताकि भविष्य में अतिक्रमण पर लगाम लग सके।
यह रजबहा बंकी ब्लॉक के निगरी गांव के पास से शारदा सहायक नहर से निकली है। जहांगीराबाद इलाके से होते हुए यह नहर मसौली क्षेत्र के गांवों के हजारों किसानों की जीवन रेखा रही है। समय के साथ इसकी तस्वीर बदलती चली गई। कहीं पटरी टूट गई, तो कहीं नहर का अस्तित्व ही मिटने लगा। नतीजा यह हुआ कि 300 से अधिक गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। किसानों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने पहले सर्वे कराया और फिर नहर की पुनर्स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजा। 23 मार्च को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता को इस परियोजना पर काम शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए गए।
डीएम शशांक त्रिपाठी ने कहा, मरम्मत और सीमांकन के बाद नहर की क्षमता बढ़ेगी और पानी अंतिम छोर तक पहुंच सकेगा। इससे न केवल फसलों की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि किसानों की लागत भी घटेगी और उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।
किसान प्रेमनंद वर्मा ने कहा, लंबे समय से सूखी उम्मीदों के बीच यह फैसला किसानों के लिए राहत की ठंडी फुहार बनकर आया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि काम कितनी तेजी से होता है। गुणवत्ता का ध्यान जरूरी है। किसानों के हित में फसला है। किसान आशाराम ने बताया कि मसौली रजबहा के कायाकल्प के बाद किसानों की फसलों पर होने वाली लागत कम हो जाएगी। इसका सीधा फायदा किसानों को होगा। क्षेत्र के विकास में यह सराहनीय कदम होगा। लोगों को पानी सिंचाई के लिए आसानी से पानी मिल सकेगा।