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बिन दुल्हन लौटी बरात: वरमाला पड़ी... सात फेरे लिए, अचानक कुल देवता पर अटकी बात; फिर जो हुआ सभी रह गए दंग

Tue, 04 Mar 2025 07:26 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी

सार

शादी टूटने का एक अचंभित करने वाला मामला सामने आया है। जिसमें वरमाला हुई और सात फेरे भी लिए गए। अचानक वर-वधू पक्ष के कुल देवता पर बात अटक गई। इसके बाद शादी टूट गई। बरात बिना दुल्हन के लौटी।
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वरमाला के समय की फोटो, दूल्हा-दुल्हन के साथ मौजूद अन्य लोग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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यूपी के बाराबंकी से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां विदाई से पहले कुल देवता के अलग होने की बात कहकर लड़की वालों ने शादी तोड़ दी। बातचीत में वर-वधू पक्ष के कुल देवता अलग-अलग होने का पता चला तो विदाई से पहले रिश्ता खत्म हो गया। मामला थाने तक पहुंचा। पंचायत बैठाई गई। लेकिन, आखिरकार शादी नहीं जुड़ पाई। 

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मामला सफदरगंज थाना क्षेत्र के रुदौली गांव का है। गांव निवासी गिरधारी की बेटी रंजना की शादी असंद्रा क्षेत्र के तेलमा मजरे पारा इब्राहिम गांव निवासी गंगाराम रावत के बेटे आशीष कुमार से तय हुई थी। रविवार को बरात धूमधाम से आई, बरातियों का जोरदार स्वागत हुआ, जयमाल के बाद सात फेरे भी संपन्न हो गए। लेकिन सोमवार सुबह जब विदाई की बारी आई, तो हंगामा मच गया।

कुल देवता अलग हैं... यह रिश्ता नहीं हो सकता

विदाई से ठीक पहले किसी ने ध्यान दिलाया कि दोनों परिवारों के कुल देवता अलग-अलग हैं। यह सुनते ही वधू पक्ष के लोग नाराज हो गए। रंजना के मामा रामनेवाज का कहना था कि वर पक्ष ने इस जानकारी को छुपाया और धोखा दिया। उन्होंने शादी तोड़ने का एलान कर दिया और खर्च की भरपाई की मांग की।

थाने में चला पंचायत का दौर, लेकिन रिश्ता खत्म

मामला बढ़ता देख दोनों पक्ष थाने पहुंचे। वर पक्ष ने आरोप लगाया कि वधू पक्ष ने जेवर हड़प लिए हैं, जबकि वधू पक्ष ने शादी से हुए खर्च की भरपाई की मांग रखी। पूरे दिन थाने में पंचायत चलती रही। आखिरकार, वर-वधू दोनों ने सहमति जताई और शादी को रद्द कर दिया।
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बिन दुल्हन लौटी बरात, क्षेत्र में चर्चा का विषय

एसएचओ सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से शादी न करने का फैसला किया है। इस घटना की इलाके में खूब चर्चा रही। जहां सात फेरे होने के बाद भी देवता अलग होने की वजह से शादी का बंधन टूट गया। बैंड-बाजे के साथ धूमधाम से पहुंची बरात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।

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