बाराबंकी। होली पर इस बार भी बाजार में रासायनिक रंगों की भरमार है। अधिकतर दुकानों पर आकर्षक पैकिंग में सजे रासायनिक रंग, अबीर-गुलाल ही दिख रहे हैं। इनमें कुछ ब्रांडेड हैं तो तमाम खुले में बिक रहे हैं। दुकानदार बताते हैं कि रंग में ही नहीं गुलाल में भी केमिकल मिलाया जा रहा है। नाका सतरिख, धनोखर चौराहा, निबलेट, घंटाघर, छाया चौराहा जैसे बाजारों में तीन सौ से अधिक दुकानें सजी हैं। केमिकल वाले रंग और गुलाल से बचाव के संबंध में चिकित्सकों ने सलाह दी है।
त्वचा का रखें खास ख्याल
हर्बल रंग व गुलाल से ही होली खेलें क्योंकि केमिकलयुक्त रंग का सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। इससे संक्रमण होने की आशंका रहती है। त्वचा काे बचाने के लिए शरीर पर चिकनाई युक्त चीजें जैसे बॉडीलोशन,एलोवेरा जेल, सरसों का तेल आदि लगाएं। ताकि त्वचा पर विपरीत प्रभाव न पड़े। जबरन साबुन या सर्फ से नहीं रगड़ना चाहिए।
आंखों में रंग पड़ने पर रगड़े नहीं
रंग कोई भी हो, आखों के लिए नुकसानदेय ही है। इसलिए होली खेलते समय आंखों का खास ख्याल रखना चाहिए। दानेदार रंग आखों पर पड़ने से कार्निया को नुकसान पहुंच सकता है। आंखों में रंग पड़ने पर रगड़े नहीं, साफ व ताजे पानी से पानी के छींटें मारकर धोएं। आंखें लाल होने या जलन होने पर अपने मन से दवा न डालें, चिकित्सक की सलाह लें।
रंगों में प्रयोग होने वाले केमिकल-
हरा रंग- कॉपर सल्फेट
बैगनी रंग- क्रोमियम आयोडाइड
लाल रंग- मरक्यूरी सल्फेट
काला रंग- लेड आक्साइड
सिल्वर रंग- एल्यूमिनियम ब्रोमाइड