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Barabanki News: मनरेगा में 88.83 करोड़ बकाया, छह माह से कार्मिकों नहीं मिला वेतन

Mon, 19 Feb 2024 02:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। गांवों में लोगों को रोजगार मुहैया कराने की गारंटी वाली योजना मनरेगा बजट के अभाव में दम तोड़ रही है। तीन माह से न तो मजदूरों व राजगीरों को भुगतान हुआ है और न ही सामग्री के लिए ही कोई पैसा आया है। इतना ही नहीं मनरेगा में काम करने वाले करीब 900 संविदा कर्मचारियों को छह माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में करीब 88.83 करोड़ रुपये बकाया हो गया है। बकाया भुगतान न मिलने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। सोमवार को मनरेगा से अकुशल मद में भुगतान होना है, जिसमें 10 करोड़ रुपये पूरे प्रदेश के लिए स्वीकृत हुए हैं। ऐसे में जिले को इससे कोई संजीवनी मिलती नजर नहीं आ रही है।
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जिले में जॉबकार्डधारक करीब 4.64 लाख हैं, लेकिन इनमें से करीब दो लाख ही मनरेगा से रोजगार प्राप्त करते हैं। समय से भुगतान न होने के कारण बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर रोजगार से वंचित हो रहे हैं। वर्तमान समय में मनरेगा जॉबकार्डधारक मजदूरों का 54.72 करोड़ रुपये बकाया है। राजगीरों की बात करें तो उन्हें करीब 2.22 करोड़ रुपये दिए जाने हैं। सामग्री मद में 28.53 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है। इसके अलावा रोजगार सेवक, एपीओ, तकनीकी सहायक समेत 900 कर्मचारियों का करीब 3.36 करोड़ रुपये बकाया है।

मनरेगा से पिछले नवंबर में भुगतान किया गया था, लेकिन धन की कमी के कारण पुराना भुगतान भी शत-प्रतिशत नहीं हो पाया था। इसके बाद से भुगतान की प्रक्रिया लंबित है। भुगतान के अभाव में मनरेगा से होने वाले तमाम कार्यों पर इसका असर पड़ रहा है। अमृत सरोवर, गोशालाओं से लेकर अन्य कई योजनाओं को धरातल पर नहीं उतारा जा पा रहा है। संयुक्त आयुक्त मनरेगा अनिल कुमार पांडेय की ओर से प्रदेश के सभी डीएम को पत्र लिखकर बताया गया है कि सोमवार को सामग्री मद में पूर्व के वित्तीय वर्षों में कुशल व अकुशल श्रमिकों को भुगतान के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि सुबह 11 बजे उपलब्ध कराई जाएगी। इसको लेकर सभी ब्लॉकों को पत्र लिखा गया है, लेकिन पर्याप्त बजट न होने से यह धनराशि नाकाफी ही साबित होगी।
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मनरेगा में काम करने वाले कुशल एवं अकुशल श्रमिकों के साथ सामग्री व अन्य देयों के भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत किए जा चुके हैं। शासन से बजट मिलते ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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- ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, उपायुक्त मनरेगा
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