बाराबंकी। पंचायत चुनाव के साथ कोरोना संक्रमण का असर महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) पर भी पड़ा है। संक्रमण की वजह से सिर्फ 447 प्रधानमंत्री आवास पर ही मनरेगा का कार्य संचालित हो रहा है। इसमें करीब छह हजार मनरेगा मजदूर काम कर रहे हैं। वहीं सामुदायिक शौचालय निर्माण का भी काम पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।
काम सुस्त होने से गांवों में बेरोजगारी बढ़ी है। कोविड नियमों के अनुपालन के चलते जिम्मेदार अधिकारी भी विकास कार्यों की प्रगति के तरफ ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। जिले में पंजीकृत करीब साढ़े चार मनरेगा श्रमिकों में से हर साल करीब सवा दो लाख श्रमिक सक्रिय होकर योजना का लाभ उठाते हैं।
कोरोना संक्रमण के इस दौर में मनरेगा भी पस्त हो गई है। पहले कोरोना संक्रमण व बाद में चुनाव से मनरेगा सिर्फ प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास तक सीमित रह गई है। फरवरी से जिले में कोरोना संक्रमण की शुरुआत होने से मनरेगा का कार्य धीरे-धीरे सुस्त होता गया। इस बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण व बाद में निर्वाचन कार्यक्रमों की घोषणा के बाद मनरेगा का कार्य और सुस्त हो गया है। अधिकारियों के चुनाव व कोरोना संक्रमण की रोकथाम में लग जाने से मनरेगा प्रधानमंत्री आवास निर्माण तक ही सिमट गई।
आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा समय में मनरेगा का कार्य जिले में सिर्फ 447 प्रधानमंत्री आवास तक ही सीमित रह गया है। 1161 ग्राम पंचायतों वाले जिले में 447 आवासों के निर्माण में करीब छह हजार जॉब कार्डधारक कार्य कर रहे हैं। वहीं सभी पंचायतों में बनने वाले सामुदायिक शौचालय का काम भी पूरी तरह से ठप है। चुनाव से पहले करीब एक हजार शौचालय का निर्माण पूर्ण होने का दावा किया गया है। ऐसे में गांवों में मनरेगा का कार्य तकरीबन ठप होने से जॉब कार्डधारकों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
सवा दो लाख हैं सक्रिय जॉब कार्डधारक
जिले में वैसे तो करीब साढ़े लाख जॉब कार्डधारक पंजीकृत हैं लेकिन इनमें से लगभग सवा लाख ऐसे श्रमिक हैं जो ग्राम पंचायतों में कार्य की उपलब्धता पर काम करने जाते हैं। कोरोना और चुनाव के चलते इस बार यह श्रमिक बेरोजगार होते दिख रहे हैं।
पास नहीं हुआ शत-प्रतिशत लेबर बजट
मनरेगा विंग द्वारा जिले से करीब 84 लाख का लेबर बजट तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया था। जिनमें से अभी तक मात्र 48 लाख का बजट की पास हुआ है। वहीं पास हुए इस बजट में 40 प्रतिशत की राशि निर्माण सामग्री के लिए भी शामिल है।
इन दिनों मनरेगा के कार्य में कुछ सुस्ती आई है। चुनाव और कोरोना के चलते यह स्थिति है। हालांकि ग्राम पंचायतों में कार्ययोजना पहले से तैयार है। जल्द ही मनरेगा के कार्यों में तेजी दिखेगी।
-नरेंद्र कुुमार द्विवेदी, उपायुक्त मनरेगा