देवा महोत्सव के ऑडिटोरियम में शनिवार की शाम प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी के गीतों के नाम रही। पद्श्री से सम्मानित गायिका मालिनी अवस्थी ने एक के बाद एक अवधी भोजपुरी गीतों की ऐसी झड़ी लगाई कि लोग मंत्रमुग्ध हो गए। तालियों की गडग़ड़ाहट और फरमाइशों का सिलसिला कार्यक्रम के समापन तक चलता रहा।
देवा महोत्सव में शनिवार शाम लोकगीतों के नाम रही। लोक कला संध्या की शुरुआत मालिनी अवस्थी ने तोरी लट चुयेला भवानी रे मैया.. से की। तेरी सरकार है आली.., लागी नजर भरपूर निजामुद्दीन.., आज रंग है ये मां... सुनाकर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। इसके बाद- रेलियां बैरन पिया को लिए जाए रे..गाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसी बीच- लागल चुनरिया का धक्का बलम कलकत्ता पहुंच गए.. सुनाकर कार्यक्रम को चरम पर पहुंचा दिया।
सुग्गा पंखी ओढानिया मोरी उड़-उड़ जाए.. गाया तो प्रेक्षागृह तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। मोरे राम अवध घर आए.., शुद्ध सुंदर अति मनोहर बंदे मातरम.., सीता को खोजने चले रे बीर रघुबीर.. गीतों की सुमधुर श्रंखला पर श्रोता एक ही जगह पर जमे रहने पर विवश हो गए। दिल को छू लेने वाले गीतों की बेहतरीन प्रस्तुति पर महोत्सव के प्रेक्षागृह में मौजूद श्रोताओं ने ऐसा जोश छाया कि सभी ने जमकर तालियां बजाईं।
गीतों की श्रंखला से एक के बाद एक धमाकेदार प्रस्तुति ने लोगों का मन जीत लिया। इस मौके पर डीएम अखिलेश तिवारी, एसपी अनिल कुमार सिंह, एडीएम अनिल कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। मालिनी अवस्थी के कार्यक्रम शुरू होते ही किसी ने कैमरा निकाला तो किसी ने मोबाइल। उनके दिलकश गीतों को लोग मोबाइल मेें रिकार्ड करने लगे। इसी बीच कुछ बच्चे मोबाइल में रिकार्डिंग करने के लिए मंच के करीब पहुंच गए। सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी बच्चों को हटाने लगे तो मालिनी अवस्थी ने पुलिस कर्मियों को मना कर दिया और इसके बाद बच्चों ने उनके गीतों को रिकार्ड किया।