रामनगर कस्बा व लोधौरा में फाल्गुनी महादेव मेला का सुरूर लोगों में अभी से चढ़ने लगा है। दस दिन बाद ही 20 फरवरी से आसपास के तमाम जिलों से कांवड़ियों का आना शुरू हो जाएगा। मगर तहसील व नगर पंचायत प्रशासन ने अभी कोई तैयारियां नहीं शुरू की हैं।
मेला परिसर में खराब हैंडपंपों को रिबोर तक नहीं कराया जा रहा है। स्ट्रीट लाइटें खराब हैं तो तालाब में पानी भराना तो दूर साफ-सफाई तक नहीं कराई गई है। इतने कम वक्त में इन सभी कामों के समय पर पूर्ण होने को लेकर संशय बना हुआ है।
महादेवा मेला की ख्याति दूर-दूर तक है। यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन व जलाभिषेक के लिए सीतापुर, गोंडा, कानपुर, उन्नाव, इटावा, जालौन, झांसी, कन्नौज, मैनपुरी, एटा, बांदा, रायबरेली, सुल्तानपुर आदि जनपदों से हजारों की कांवड़िए आते हैं। इस बार महाशिवरात्रि सात मार्च को है।
रामनगर कस्बा क्षेत्र के लोधौरा गांव में लगने वाले फाल्गुनी महादेवा मेला में 20 फरवरी से ही दूरदराज से कावंड़ियों का आना शुरू हो जाएगा। मगर अभी तक मेला परिसर में कांवड़ियों व अन्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कोई भी कार्य नहीं शुरू किया गया है। अभी तक मेला परिसर की साफ-सफाई तक शुरू नहीं कराई गई है।
शौचालयों, पेयजल, तालाब, स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था बेजार है। मगर न तहसील प्रशासन को कोई सुध है और न ही जिला प्रशासन को। अभी तक मेला की तैयारियों के मद्देनजर डीएम ने बैठक तक नहीं बुलाई है।