बाराबंकी। जिले में आधारकार्ड बनाने के कार्य की निगहबानी करने वाला कोई नहीं है और न ही कोई इसे लेकर होने वाली शिकायत सुनता है। जिसका परिणाम यह है कि 228 केंद्र होते हुए भी आधार बनाने का काम काफी धीमा है। मशीनें खराब पड़ी हैं। बैंक व डाकघरों में तो आवेदन करने के लिए फाॅर्म भी बड़ी मुश्किल से मिल रहा है।
जिले में डाकघर, बैंक, जनसेवा केंद्र, बीआरसी, विद्यालय, सीडीपीओ कार्यालय आदि में आधार बनाए व संशोधित किए जाते हैं। शहर स्थित प्रधान डाकघर में दो मशीनें होने के बाद भी एक से ही आधार बनाने का काम ज्यादातर होता है। रामसनेहीघाट डाकघर में सात महीने से मशीन खराब पड़ी है। रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, सिरौलीगौसपुर, रामनगर आदि में बैंकों में आधार बनाए तो जाते हैं, मगर रोजाना यहां लोगों को फाॅर्म के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है।
शिक्षा विभाग की ओर से ब्लाॅकाें में दो-दो मशीनें बच्चों के आधार बनाने के लिए दी गई थीं, मगर कई मशीनें खराब हो गई हैं। इसे लेकर जब ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर धर्मेंद्र उपाध्याय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है। वहीं हर तीन माह में आधार को लेकर होने वाली बैठक को लीड करने वाली जिला अर्थ संख्याधिकारी मीनाक्षी ने बताया कि बैठकें भले ही उनकी ओर से कराई जाती हैं, मगर इसका पर्यवेक्षण प्राधिकरण स्वयं करता है।
एसडीएम बोले, कराएंगे जांच
फतेहपुर तहसील क्षेत्र में आधार केंद्रों पर सर्वर की समस्या आम है। डाकघर से रोजाना लोग निराश लौटते हैं। दूर-दूर से आने वाले ग्रामीणों को कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस समस्या के दृष्टिगत एसडीएम पवन कुमार ने बताया कि इसकी जांच नायब तहसीलदार से कराई जाएगी।