बाराबंकी। करीब एक दशक से एलयूसीसी जैसी कंपनी लोगों से धन जमा करवाती रही लेकिन न तो इसे लेकर कभी खुफिया तंत्र सक्रिय हुआ, न ही बैंकिंग से जुड़े अधिकारी। ठगी का खेल चलता रहा और अब हजारों परिवारों की जिंदगी मुश्किल हो गई है। ललितपुर में इसी कंपनी की ठगी के खेल की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच में इस बिंदु को शामिल किया है। बाराबंकी पुलिस ने जांच में पाया कि कंपनी खेती के नाम पर पैसा जमा करवाती रही।
24 नवंबर को जिले के बदोसराय थाने में किरन नामक महिला ने एलयूसीसी कंपनी का कार्यालय बंद होने व रुपये हड़पे जाने का केस दर्ज कराया था। इसके बाद तो शिकायतों की झड़ी लग गई। अब तक एलयूसीसी पर डेढ़ दर्जन केस दर्ज हैं। कंपनी का मुख्य संचालक समीर अग्रवाल दुबई में छिपा बैठा है।
बाराबंकी में कंपनी के अहम पदाधिकारी रहे उत्तम सिंह राजपूत व उसकी कोषाध्यक्ष पत्नी माया फरार है। पुलिस की जांच में सामने आया कि कंपनी का पंजीकरण गाजियाबाद के पते पर कृषि से जुड़ी सेवाओं के लिए कराया गया था।
बड़ी हैरत वाली बात यह कि कंपनी बाराबंकी, ललितपुर समेत अन्य कई राज्यों में लोगों से खुलेआम रुपये जमा कराती रही मगर जिम्मेदार चुप रहे। जिले के सैदनपुर कस्बे के लोग बताते हैं कि उनके यहां चार साल से कंपनी का दफ्तर चल रहा था।
अस्पताल व संपत्तियां सील करने की प्रक्रिया शुरू
25-25 हजार रुपये के इनामी अपराधी घोषित हो चुके उत्तम व माया के स्वामित्व वाले शहर के बाराबंकी हास्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर के साथ इनकी बाराबंकी व लखनऊ के मकानों व संपत्तियों को भी सीज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुकदमों से जुड़े विवेचकों ने नगर पालिका, तहसील व बैंक प्रशासन से इनसे जुड़ा ब्योरा मांगा है। नए कानून बीएनएस के तहत कार्रवाई होगी।
टाइम सिटी अध्यक्ष को लेकर 23 को होगी सुनवाई
बाराबंकी। 10 मुकदमों के आरोपी जेल में बंद टाइम सिटी ग्रुप के अध्यक्ष पंकज पाठक की जमानत पर सुनवाई अब 23 दिसंबर को होगी। शुक्रवार को अदालत में सुनवाई के दौरान यह तारीख तय की गई। दरअसल, पुलिस जमानत रद्द करवाने को लेकर अभियोजन विभाग के साथ पैरवी कर रही है जबकि जमानत कराने के लिए कई बड़े वकील लगे हैं। टाइम सिटी ग्रुप पर कई जिलों के निवेशकों को बाराबंकी में जमीन देने के नाम पर करोड़ों रुपये जमा करवाकर वापस न देने का आरोप है।