सदरपुर। खेत में टूटकर पड़े हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से सोमवार को 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया। उनका कहना है कि तार हटाने के लिए विभाग से कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सदरपुर के लोनी गांव के मजरा शमसाबाद निवासी पूरनमल का बेटा दिलीप कुमार सोमवार को गांव के पूरब स्थित खेत में धान की बालियां बीनने गया था। इसी दौरान वह खेत में टूटकर पड़े हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। तार में करंट दौड़ रहा था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान खेत में उसका शव पड़ा मिला। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
ग्रामीणों के अनुसार, आंधी-बारिश के दौरान हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर खेत में गिर गया था। करीब 10 दिन से तार खेत में पड़ा था, लेकिन उसे हटाने या बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई की जाती तो किशोर की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह घटना विभाग की लापरवाही का नतीजा है। मृतक के परिजनों को इसका उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
बिजली विभाग के एक्सईएन सतीश कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। जेई के नेतृत्व में टीम को मौके पर भेजा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।