बाराबंकी। 12 साल पहले जैदपुर थाना क्षेत्र में दुर्गा माता मन्दिर के मेले में वसूली करने के विवाद में हुई हत्या व जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट एक पक्ष के पांच तो दूसरे पक्ष के सात अभियुक्तों को दोषी करार माना है। कोर्ट ने दोनों पक्षों के 12 दोषियों को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार एक पक्ष के बीबीपुर थाना जैदपुर निवासी वादी विजय सिंह ने दो जुलाई 2012 को पुलिस को जी तहरीर में बताया था कि वह अपने परिवार के सदस्य भाई सियाराम, भतीजा चंद्र मोहन, रंजीत, कुंदन के साथ मेले में दुकानदारों से मासूल वसूल रहे थे। उसी समय विपक्षी गणों ने लाठी, फरसा, भाला, बंदूक से लैस होकर वसूली से रोकने का प्रयास करत हमला कर दिया। जिसमें वादी का भतीजा चन्द्र मोहन, भाई सिया शरण गंभीर रूप से घायल होकर मरणासन्न हो गए थे।
कोर्ट ने एक पक्ष के अभियुक्त रमेश, अनिल कुमार, शिवकुमार, शिवपाल, मनीष निवासी मांदूपुर थाना कोठी को आजीवन कारावास व 50-50 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। राजेन्द्र उर्फ सुतारा, सूर्यलाल, कन्धई की सुनवाई के दाैरान मृत्यु हो गई थी। वहीं, दूसरे पक्ष के वादी रमापति वर्मा की तहरीर पर दाखिल मुकदमे के आधार पर अभियुक्त विजय कुमार, वीरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू बाबा, सियाशरण उर्फ गुड्डू, नागेन्द्र मोहन उर्फ बबलू, चन्द्रमोहन , रंजीत व श्रीमती शिवप्यारी को आजीवन कारावास के साथ 2.81 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।