बाराबंकी। शहर कोतवाली क्षेत्र में करीब 23 वर्ष पहले हुए किशोर के अपहरण व हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश, गैंगस्टर एक्ट अमित सिंह ने दोनों पर 21-21 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक रमेश चंद्र वर्मा व प्रभाकर राय ने बताया कि छह मई 2000 की शाम शहर के आवास विकास कॉलोनी से मुरलीधर मीरवानी के पुत्र कमल (13) खेलते समय गायब हो गया था। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। नौ मई 2000 को कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के सतरई गांव में रेलवे लाइन के निकट तालाब में एक किशोर का शव मिला था। पिता मुरलीधर ने उसकी शिनाख्त बेटे के रूप में की थी।
जांच में अभियुक्त रजी उर्फ रजीउद्दीन, अशफाक, अजय सिंह, साजिद, अमीना खातून, महमूद, शेरू उर्फ जहीर अहमद, रशीदा खातून, शमा की ओर से अपहरण, लूट व हत्या करने की बात सामने आई थी। कोतवाली नगर में सभी के विरुद्घ गैंगस्टर का भी मुकदमा दर्ज किया गया था। एक अन्य अभियुक्त मोहम्मद अतीक की विचारण के दौरान मृत्यु हो गई थी।
गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी रजी उर्फ रजीऊद्दीन और अशफाक को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अन्य को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।