शाहगढ़। कसरावां में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को प्रवाचक जानकी दास महाराज ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है और इसे प्रभु भक्ति व सत्कर्मों के माध्यम से सफल बनाया जा सकता है। मनुष्य को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा और अहंकार जैसी बुराइयों का त्याग कर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करना चाहिए।
प्रवाचक ने कथा के दौरान कपिल चरित्र, सती चरित्र और नृसिंह अवतार के प्रसंग सुनाए। कहा कि भगवान के नाम के स्मरण मात्र से मनुष्य भवसागर से पार हो सकता है। जीवन में अनजाने में कई पाप हो जाते हैं, जिनका प्रायश्चित ईश्वर के समक्ष करना चाहिए। कहा कि भगवान की कथा ही मनुष्य को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति दिलाने का मार्ग दिखाती है। सत्संग में वह शक्ति होती है, जो मनुष्य के विचार और जीवन दोनों को बदल सकती है। आयोजक रामदल पांडेय, मनीष पांडेय, दिनेश कुमार, देवनारायण पांडेय, सतीश मिश्र, गुड्डू पांडेय, प्रमोद उपाध्याय और बृजेश नारायण तिवारी आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।