अमेठी सिटी। गौरीगंज-अठेहा सड़क मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन करने और पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। पुलिस ने इस मामले में 24 नामजद और 35 अज्ञात (कुल 59) लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पथराव और अभद्रता करने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
शुक्रवार को पठानपुर निवासी मायावती की डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब परिजन शव लेकर लौट रहे थे, तभी पठानपुर मोड़ के पास ग्रामीणों ने सड़क पर बांस-बल्ली लगाकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। आरोप है कि समझाने पहुंची पुलिस टीम के साथ प्रदर्शनकारियों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उन पर पथराव भी किया।
इस हिंसक झड़प में हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार यादव और कांस्टेबल श्रीचंद्र यादव घायल हो गए। प्रदर्शन और चक्काजाम के कारण गौरीगंज-अठेहा मार्ग पर घंटों अफरा-तफरी का माहौल रहा। जाम में एंबुलेंस सहित दर्जनों वाहन फंसे रहे, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस के बार-बार अनुरोध के बावजूद प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं थे।