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Barabanki News: ड्राइविंग टेस्ट सख्त हुआ तो 70 फीसदी घटे लाइसेंस आवेदन

Sat, 26 Sep 2026 01:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में निजी फर्म को ड्राइविंग टेस्ट की जिम्मेदारी मिलने के बाद जिले में लाइसेंस के आवेदन करीब 70 फीसदी घट गए हैं। पहले एआरटीओ कार्यालय में रोजाना 70 से 80 लर्निंग और स्थायी लाइसेंस के आवेदन आते थे। अब यह संख्या घटकर 20 से 25 रह गई है। दूसरी ओर टेस्ट देने वाले आवेदकों में आधे से अधिक पहली बार में फेल हो रहे हैं।
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पहले आवेदक की बायोमीट्रिक व दस्तावेजों की जांच के बाद विभागीय स्तर पर टेस्टिंग और लाइसेंस की संस्तुति होती थी। करीब छह माह पहले टेस्टिंग की जिम्मेदारी निजी फर्म को सौंप दी गई। फर्म ने देवा रोड से जहांगीराबाद जाने वाली सड़क पर ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तैयार किया है। अब आवेदकों को निर्धारित मानकों के अनुसार इसी ट्रैक पर टेस्ट देना पड़ता है।
बुधनई गांव निवासी आवेदक मोनू मिश्रा के मुताबिक पहले लर्निंग लाइसेंस के लिए करीब 300 रुपये और स्थायी लाइसेंस के लिए करीब एक हजार से डेढ़ हजार रुपये खर्च होते थे। दलाल के जरिये लाइसेंस बनवाने पर भी करीब पांच हजार रुपये तक खर्च आता था। अब सरकारी शुल्क के अलावा निजी फर्म के ट्रैक पर टेस्टिंग की प्रक्रिया से परेशानी बढ़ी है।
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आवेदकों का कहना है कि पहली बार टेस्ट में फेल होने के बाद दोबारा तैयारी के लिए निजी फर्म करीब छह हजार रुपये ट्रेनिंग शुल्क बताती है। इससे लाइसेंस की कुल लागत बढ़ रही है। हालांकि विभाग का कहना है कि निजी फर्म से ट्रेनिंग लेना अनिवार्य नहीं है।
वर्जन-
ट्रेनिंग लेने के लिए बाध्य नहीं
एआरटीओ प्रशासन अमिताभ राय ने बताया कि निर्धारित मानकों के आधार पर ही आवेदकों का मूल्यांकन किया जा रहा है। निजी फर्म की करीब छह हजार रुपये की ट्रेनिंग आवेदक की इच्छा पर निर्भर है। किसी को ट्रेनिंग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
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