बाराबंकी। हापुड़ में डीएम की फटकार के बाद एक लेखपाल की मौत का मामला तूल पकड़ने लगा है। घटना से आक्रोशित जिले में कार्यरत लेखपालों ने सोमवार को तहसीलों में कार्य बहिष्कार केे साथ प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने की समाप्ति पर लेखपाल संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों का सीएम को संबोधित ज्ञापन भी संबंधित तहसीलदारों को सौंपा। इसमें लेखपाल संघ ने घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने के साथ ही मृतक आश्रित को नौकरी व आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है।
लेखपाल संघ के अध्यक्ष अश्वनी मिश्रा ने बताया कि तहसीलों में तैनात लेखपालों के जिम्मे पहले से ही काम का काफी बोझ है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों का उपेक्षापूर्ण व्यवहार उनकी परेशानी को दो गुना तक बढ़ा देता है। आरोप लगाया कि हापुड़ में सार्वजनिक तौर पर फटकार से आहत होने के कारण ही लेखपाल की जान गई। तहसील फतेहपुर परिसर में सुबह दस बजे करीब जुटे लेखपालों ने सभी प्रशासनिक कामों का बहिष्कार कर परिसर में प्रदर्शन कर धरना देकर हापुड़ घटना पर अपना रोष जताया। संघ के तहसील अध्यक्ष आशीष कुमार ने कहा कि हापुड़ में डीएम ने बिना जांच कराए झूठी शिकायत पर लेखपाल सुभाष मीणा के साथ अपमान जनक व्यवहार किया।
लेखपाल संघ ने आरोप लगाया कि तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस व ग्राम चौपालों में अधिकारी अपने अधीनस्थ को सार्वजनिक तौर से अपमानित करते हैं। इससे कर्मचारी तनाव में नौकरी कर रहे है। धरने में मंत्री रेशू वर्मा, प्रिन्स, अरविंद वर्मा, सद्दाम हुसैन, साकेत रावत, विकास रावत, सर्वेश कुमार, रंजीत मौर्य आदि लेखपाल मौजूद थे। तहसील रामसनेहीघाट के लेखपालों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार कर हापुड़ में लेखपाल की मौत पर शोक जताया।