सिरौली गौसपुर (बाराबंकी)। विकास खंड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। यहां शिक्षकों के 18 पदों में से मात्र तीन पर ही शिक्षक तैनात हैं। इन तीन शिक्षकों के जिम्मे विद्यालय में पंजीकृत 930 विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी है। ऐसे में एक शिक्षक के जिम्मे तीन सौ से अधिक बच्चे आने से उनका अधिकांश समय बच्चों की हाजिरी भरने में ही निकल जाता है। इससे पढ़ाई लिखाई चौपट स्थिति में है।
पिछले साल विद्यालय में पंजीकृत बच्चों की संख्या 1,005 थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय बेनी प्रसाद वर्मा ने 25 साल पहले पैतृक गांव सिरौलीगौसपुर में राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना कराई थी। इसका उद्देश्य तराई क्षेत्र के गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर और सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना था। स्थापना के बाद से ही कॉलेज में शिक्षकों की कमी चल रही है।
इंटरमीडिएट तक यहां अंग्रेजी, भूगोल समाजशास्त्र के अतिरिक्त वनस्पति एवं जीव विज्ञान आदि की पढ़ाई होती है। वर्तमान समय में आठ कक्षाओं में 930 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। नामांकन की प्रतिक्रिया भी चल रही है। यहां प्रवक्ता व सहायक अध्यापक के 18 पदों स्वीकृत हैं। इंचार्ज प्रधानाचार्य को छोड़कर 15 पद खाली पड़े हैं। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालय में कक्षाएं सुचारू तौर पर संचालित नहीं हो पाने से पठन पाठन भी चौपट बना है। इसकी खामिजाया यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उठाना पड़ता है।
इंचार्ज प्रधानाचार्य अनंत यादव ने बताया कि अभिभावक संगठन से अनुमोदन लेकर तीन-चार निजी शिक्षक हर साल रख लिए जाते हैं ताकि प्रमुख विषयों की पढ़ाई हो सके। अभी नामांकन प्रक्रिया चल रही है। नामांकन समाप्त होने के बाद निजी शिक्षकों को रखने के बारे में अभिभावक संगठन से विचार-विमर्श कर अनुमोदन लिया जाएगा। साथ ही भरोसा जताया है कि जल्दी आयोग से भी दो शिक्षकों की तैनाती यहां हो सकती है।