मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के सुरजनपुर समेत आधा दर्जन गांवों में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मूर्तियां तोड़े जाने और लाठीचार्ज की घटना की बुधवार को जांच करने पहुंचे विधायक दल ने हकीकत परखी। विधायक दल ने खंडित प्रतिमा और घरों में तोड़फोड़ के निशान देखे। चौपाल लगाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तर्क भी सुने।
जांच दल के अगुवा विधायक रामनरेश ने बताया कि पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने, जबरन प्रतिमा विसर्जित करने के साथ ही ग्रामीणों पर ही फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सभी पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच रिपोर्ट भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय को सौंपी जाएगी।
घटना के बारह दिन बाद बुधवार को रामनरेश रावत की अगुवाई में विधायक शरद अवस्थी, नीरज बोरा की जांच समिति 11 बजे सबसे पहले बेलहरा कस्बा पहुंचे। यहां पर बाल गोविंद, जयकरन सिंह, रामकुमार सिंह, बृजेश कुमार सिंह व बाबा पुरुषोत्तम दास से आपबीती सुनी। यहां लोगों ने स्थानीय पुलिस पर घरों में घुसकर मारपीट करने, मूर्तियों को उठाकर वाहनों में फेंकने और जबरन विसर्जन करने की जानकारी दी।
इसके बाद सुरजनपुर गांव पहुंची जांच टीम ने चौपाल लगाया। यहां पर ददन सिंह, पूनम वर्मा, विजय मौर्या, वीरू सिंह, देवेंद्र मौर्या, गणेश अंगद मुनि ने बताया कि यहां पुलिस ने घरों में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की जो जहां मिला उसकी पिटाई कर दी। यहां पर मौजूद एडीएम, एएसपी और सीओ राजेश यादव ने भी अपना पक्ष रखा। पर उनके तर्क को सांसद प्रियंका रावत ने यह कह कर हवा निकाल दी कि आप लोग तो हमें भी रात भर सही जानकारी देने के बजाय अंधेरे में रखे रहे।
अंत में जांच दल मोहारी गई। यहां पर अनिल कुमार, उचित कुमार के घर तोड़े गए दरवाजे और खिड़कियां देखा। इसके पश्चात भोलानाथ शिवमंदिर में द्वारपाल की मूर्तियों में की गई तोड़फोड़ को भी देखा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव, सुधीर कुमार सिद्धू मौजूद रहे।
बीते 30 सितंबर को मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के सुरजनपुर गांव में मूर्ति विसर्जन के दौरान जुलूस निकाले के रूट को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ता चला गया। सुरजनपुर के अलावा, मोहारी, बेलहरा, लच्छीपुर, सौरंगा के लोग जो एक साथ सुमली नदी के गंगा घाट पर विसर्जन करते थे यह कह कर मना कर दिया कि विसर्जन सबका साथ होगा।
सुबह 11 बजे से शुरू हुआ बवाल नहीं सुलटा तो पुलिस ने आधी रात के बाद लाठीचार्ज कर जो जहां मिला उसे पीट दिया। इतना ही नही कई घरों में तोड़फोड़ की गई। मूर्तियों को जबरन गाड़ियों में लादकर विसर्जन करा दिया गया। ग्रामीणों पर बेलहरा चौकी इंचार्ज की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। घटना के बाद दहशतजदा दर्जनों ग्रामीण घर छोड़ कर रिश्तेदारों के यहां शरण ले लिए थे। घटना के बाद भाजपा विधायक साकेंद्र वर्मा, जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव ने मुुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी।
विधायक जांच दल के अध्यक्ष रामनरेश रावत ने कहा कि यहां पर पुलिस एक युवक को अपनी गाड़ी में बैठा करके घूमा रही थी। पुलिस प्रशासन ने तो मना किया पर यहां पर लाठीचार्ज होने की पुष्टि हुई है। लोगों को चोटें आई हैं। पूरी जांच रिपोर्ट भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय को सौंपेंगे। निर्दोषों पर जो केस दर्ज किए गए हैं। वह दर्ज करने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई होगी। किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
जांच दल के साथ मौजूद सांसद प्रियंका रावत ने पुलिस और प्रशासन की जमकर धज्जियां उड़ाई। कहा कि हालातों से प्रशासन लगातार गुमराह करता रहा। चौपाल के दौरान जब एडीएम, एएसपी और सीओ बचाव में अपना पक्ष रख रहे थे तभी सांसद ने कहा कि लगातार आप लोगों से संपर्क किया जा रहा था। लेकिन दूसरों के इशारे पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई।
सीओ तबादला होने के बावजूद राजेश यादव वहां मौजूद रहे। यहीं नहीं जांच टीम पहुंचने से पहले फतेहपुर के एसडीएम को भी संतोष कुमार सिंह का तबादला कर दिया गया। चौकी इंचार्ज को पहले ही लाइन हाजिर किया जा चुका है। पर अभी तक उस थाने के प्रभारी निरीक्षक व अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं किया गया, जो चर्चा का विषय बनी है।