फतेहपुर (बाराबंकी)। तहसील क्षेत्र की बहरौली पंचायत के गांवों में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में धांधली बरतने का आरोप लगा है। इसके चलते मनमानी बरतते हुए किसानों को हटाकर सड़क से सटी जमीनों पर जमीन के धंधे से जुड़े लोगों चक बना दिए। चकबंदी बिखरी जमीनों को एक जगह करने के लिए होती है लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यहां कई किसानों की जमीनों को एक स्थान से हटाकर टुकड़ाें में बांट दिया गया।
परगना कुर्सी के ग्राम बहरौली निवासी हरीलाल पाल ने बताया कि उनकी भूमि चक आउट कर दी गई। प्रार्थना पत्र दिया पर कोई कार्रवाई नही हुई। मुनेश्वर व सहदेव प्रसाद के मूल चक पर पेड़ लगे हैं। फिर भी इन्हें उनके मूल चक से हटा दिया गया। कांति देवी, राकेश मौर्य, ऋतुराज की जमीनें डामर रोड के किनारे थीं, जमीन में नीम व महुआ के पेड़ लगे है। लेकिन सड़क किनारे से हटाकर ऐसी जगह चक बना दिया गया जहां सड़क की बात तो दूर चकमार्ग तक नहीं है।
नेकराम ने बताया कि उनकी भूमि भी पक्की सड़क किनारे थी, रकबा कम कर उसमें दूसरे का चक बना दिया गया। इस तरह तमाम गड़बड़ियों की शिकायत लेकर किसान विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई किसानों को पर्चा 23 भी नहीं दी गई। आरोप लगाया कि औद्योगिक क्षेत्र कुर्सी का इलाका होने के कारण कई बड़े कारोबारियों ने यहां की बहुत सी जमीनें खरीद ली हैं। अब साठगांठ कर इनकी जमीनों को सड़क किनारे लाने के लिए चकबंदी का तरीका अपनाया जा रहा है। तहसीलदार वैशाली अहलावत का कहना है कि बहरौली में चकबंदी में धांधली की शिकायतों के निस्तारण के लिए नायब तहसीलदार अभिनव सिंह द्वारा जांच की जा रही है। तथ्यों का संकलन करके रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।