शहर की नवाबगंज तहसील पहुंचे एक अधिवक्ता ने मामूली बात को लेकर एक लेखपाल के तमाचा जड़ दिया। इससे नाराज लेखपालों ने तहसील में ताला बंद कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। पीड़ित लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने वकील के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना आदि मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल किए जाने की बात कही है।
यह घटना सोमवार दोपहर उस समय हुई जब लेखपाल राजकिशोर अवस्थी तहसील के कक्ष-सात में बैठकर कार्य कर रहा था। आरोप है कि कक्ष में पहुंचे अधिवक्ता ओमप्रकाश विश्वकर्मा किसी बात पर कुछ लेखपालों का नाम लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
लेखपाल राजकिशोर ने वकील का विरोध किया तो विवाद हो गया। इस दौरान वकील ने लेखपाल के साथ मारपीट कर दी। तहसील के अन्य कर्मचारियों को घटना की जानकारी होने से पहले वकील वहां से भाग निकला।
साथी के साथ मारपीट की सूचना मिलते ही लेखपाल व तहसील के अन्य कर्मचारी नाराज हो गए। उन्होंने कार्य बहिष्कार कर कार्यालय पक्षों में ताला डाल प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे तहसील का कार्य ठप हो गया। विभिन्न कार्यों के सिलसिले में आए दर्जनों लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
लेखपालों की मांग थी कि जब तक आरोपी वकील को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक उनका प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। दूसरी तरफ मारपीट के आरोपी वकील का कहना था कि लेखपाल ने उसके साथ मारपीट की है। वकील ने लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर देने की बात कही है।
गिरफ्तारी तक जारी रहेगा प्रदर्शन
लेखपाल राजकिशोर की तहरीर पर पुलिस ने वकील ओमप्रकाश के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा आदि की रिपोर्ट दर्ज की है। इस घटना के विरोध में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुनील शुक्ला, इमरान, आनंद समेत कई लेखपाल डीएम योगेश्वर राम से मिलने पहुंचे और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि वकीलों की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक लेखपालों का प्रदर्शन जारी रहेगा।
शहर कोतवाल शशीकांत मिश्रा ने बताया कि तहसील नवाबगंज में लेखपाल व वकील के बीच मारपीट के मामले में लेखपाल की तहरीर पर अधिवक्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस द्वारा मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।