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Barabanki News: हमले में घायल साथी की मौत से बिफरे वकील

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बाराबंकी में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने विरोध-प्रदर्शन कर रहे वकीलों से वार्ता करते एडीएम राक - फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। हमले में घायल अधिवक्ता की मौत होने से आक्रोशित वकीलों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम कार्यालय परिसर में एकत्र हुए वकील धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये की सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो। करीब पांच घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान पहुंचे एडीएम राकेश सिंह ने 10 लाख रुपये की सहायता का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
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सिरौलीगौसपुर तहसील में वकालत करने वाले अधिवक्ता त्रिपुरारीनाथ मिश्र पर 22 दिसंबर को हमला हुआ था। पांच लोग इस मामले में जेल जा चुके हैं। रविवार को केजीएमयू लखनऊ में इलाज के दौरान अधिवक्ता की मौत हो गई। इसे लेकर सोमवार को जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा व महामंत्री रितेश मिश्र की अगुवाई में आक्रोशित वकीलों ने डीएम कार्यालय घेर कर नारेबाजी शुरू कर दी। वकीलों का आक्रोश देख अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आननफानन कई थानों की पुलिस व पीएसी बुला ली गई। प्रदर्शन कर रहे वकील डीएम कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने कहा कि हमले में मारे गए अधिवक्ता की चार पुत्रियां व एक पुत्र समेत पूरा परिवार बेसहारा हो गया है। इस दौरान अधिकारियों से उन्हें शांत कराना चाहा तो वकील परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व नौकरी देने की मांग पर अड़ गए।
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करीब चार बजे एडीएम राकेश सिंह ने वकीलों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने पांच लाख रुपये की तात्कालिक मदद के लिए डीएम की ओर से की गई संस्तुति दिखाते हुए जनप्रतिनिधियों से भी सहायता दिलाने की बात कही। काफी मान मनौव्वल के बाद वकील शांत हुए। इस मौके पर मोहन सिंह, रामगोपाल शुक्ला, रमनलाल द्विवेदी, सुनीत अवस्थी, आरपी गौतम आदि मौजूद रहे।
शव पहुंचते ही मचा कोहराम
लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद अधिवक्ता त्रिपुरारीनाथ मिश्र का शव उनके गांव इटौरा लाया गया। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में गांव के बाहर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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