फतेहपुर (बाराबंकी)। तहसील फतेहपुर के गेट के निकट मंगलवार को कागज दुरुस्त कराने के एक मामले को लेकर वकील व लेखपाल आपस में भिड़ गए। इस दौरान दोनों पक्ष में जमकर मारपीट हुई। लेखपाल का आरोप है कि करीब दर्जन भर अधिवक्ताओं ने उसे पीटा। जबकि वकील ने लेखपाल पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने तथा सहयोगियों के साथ मारने पीटने का आरोप लगाया है। इसे लेकर लेखपालों व वकीलों में आक्रोश व्याप्त है।
लेखपाल विवेक कुमार निन्दूरा क्षेत्र के जमुआ में तैनात है। पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि मंगलवार की शाम साढ़े तीन बजे वह सरकारी अभिलेखों की फोटो कॉपी कराने के लिए गेट से निकले थे। रास्ते मे नियोजित ढंग से पहले ही मौजूद अधिवक्ता मनोज मौर्य, अशोक यादव, नियाज अहमद समेत आठ-दस अन्य वकीलों ने उसे घेर कर लात, घूसों से पीटना शुरु कर दिया। उसकी जेब मे रखे 1100 रुपये व अंगूठी निकाल ली। नक्शे व अन्य सरकारी दस्तावेज भी छीन कर गायब कर दिए। हमले की खबर के बाद साथी लेखपालों के साथ तहसीलदार वैशाली अहलावत भी मौके पर पहुंची।
लेखपालों के बाद काफी संख्या में एकत्रित अधिवक्ता भी नारेबाजी करते हुए कोतवाली पहुंच गए। यहां अधिवक्ता मनोज मौर्य ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह एक भूमि के लंबित कागजात दुरुस्ती प्रकरण में बयान के लिए लेखपाल से मिलने तहसील चौराहे पर गए थे। उसने इस काम के लिए 10 हजार की रिश्वत मांगी। मना कर पर लेखपाल ने फाइल व कागजात फेंक दिए। एसडीएम राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कर आगे की कार्रवाई तय होगी।