माती (बाराबंकी)। किसान पथ के किनारे ड्रेन का निर्माण न होने से चार साल से किसानों की फसलें बारिश के दौरान डूब रही थीं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने नहीं बन सकी ड्रेन, फिर डूबेंगी फसलें शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की तो अफसरों की नींद टूटी और तहसील के अधिकारी जमीन चिह्नित करने पहुंचे। एसडीएम ने जमीन चिह्नित करते हुए शुक्रवार से ही ड्रेन खोदाई का काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
किसान पथ का निर्माण होने के बाद मुजफ्फरमऊ, जमवासी, डुबकी पुरवा, माती समेत अन्य गांवों में बारिश के समय पानी भर जाता था। ऐसे में किसानों की फसलें डूब जाती थीं। पिछले काफी समय से ग्रामीण आउटर रिंग रोड के किनारे ड्रेन के निर्माण की मांग कर रहे थे। पिछले साल अक्टूबर में डीएम अविनाश कुमार के आदेश के बाद भी जमीन चिह्नित नहीं हो पाई थी। बृहस्पतिवार की सुबह एसडीएम नवाबगंज विजय कुमार त्रिवेदी, तहसीलदार व लेखपाल के अलावा एनएचएआई के अभियंताओं के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने ड्रेन निर्माण के लिए ग्रामीणों की मौजूदगी में जमीन चिह्नित की। एसडीएम ने निर्देश दिए कि राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में एनएचएआई के इंजीनियर सद्दाम हुसैन शुक्रवार से दो जेसीबी लगाकर ड्रेन की खोदाई शुरू करें।