बाराबंकी। लखनऊ में भरी अदालत में गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की गोली मारकर हत्या के बाद राजधानी से सबसे करीब जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को कचहरी मेंं सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। वादकारियों से लेकर वकीलों तक को तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अध्यक्षता में एडीजे व एसीजेएम ने एएसपी, सीओ व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा की रणनीति बनाई।
सुबह न्यायालय परिसर खुलते ही छावनी में तब्दील हो गया। मुख्य गेट के अलावा सिविल कोर्ट व स्टेशन रोड वाले गेटों पर प्रवेश से पहले वादकारियों की ही नहीं, बल्कि वकीलों की भी मेटल डिटेक्टर व हाथों से तलाशी ली गई। इसी दौरान करीब साढ़े 10 बजे सीओ सिटी डॉ. बीनू सिंह की अगुवाई में कोतवाल व अन्य पुलिस बल ने न्यायालय परिसर की तलाशी शुरु कर दी। पुलिस ने परिसर का चप्पा-चप्पा खंगाला। झोला आदि अंदर लेकर पहुंचे लोगों के साथ संदिग्धों की दोबारा तलाशी ली गई।
न्यायालय परिसर के साथ अंदर की सुरक्षा को लेकर सिविल कोर्ट में विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट राजेश पति त्रिपाठी की अध्यक्षता में एडीजे उमेशचंद्र पांडेय व एसीजेएम कोर्ट नंबर 17 अभिषेक त्रिपाठी ने एएसपी उत्तरी आशुतोष मिश्र, सीओ डॉ. बीनू सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह, महामंत्री शाहीन अख्तर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार सिंह के साथ बैठक की। इसमें कोर्ट रूम के आसपास व अंदर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक-एक बिंदु पर विचार कर निर्णय लिए गए। पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा के साथ सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने की बात कही। महामंत्री शाहीन अख्तर ने बताया कि वकील सुरक्षा व्यवस्था में पूरा सहयोग देंगे।
यह व्यवस्था शुरु होगी
- वकीलों को कचहरी में परिचय पत्र साथ लेकर आना होगा।
- बार एसोसिएशन वकीलों को पार्किंग पास जारी करेगी।
- गेट पर मेटल डिटेक्टर से तलाशी में वकील सहयोग करेंगे।
- ट्रेनी वकीलों की निगरानी बार की ओर से गठित टीम करेगी।