कोटवासड़क। रामनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के जयचंदपुर गांव में फसल की सुरक्षा के लिए किसान ने खेतों में बिजली का तार फैला रखा था। रविवार रात उधर से गुजरे एक मजदूर की इन्हीं करंट वाले तारों की चपेट में आकर मौत हो गई। सुबह परिजनों ने शव मिलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस छानबीन कर रही है।
जयचंदपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र विश्वकर्मा (37) हरिलालपुरवा चौराहे स्थित एक फर्नीचर हाउस में काम करते थे। परिजनों के अनुसार रविवार रात हरिश्चंद्र फसल की रखवाली के लिए खेत की ओर गए थे। इसी दौरान गांव के ही पंकज मिश्रा के खेत के पास से गुजरते समय वे करंट वाले तार की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि पंकज ने अपनी उड़द की फसल की सुरक्षा के लिए खेत के चारों ओर बिजली के तार बिछाकर उनको सीधे बिजली की लाइन से जोड़ दिया था। हरिश्चंद्र के न लौटने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। सोमवार सुबह ग्रामीणों को हरिश्चंद्र का शव खेत के किनारे मिला।हरिश्चंद्र के परिवार में पत्नी, एक बेटी और दो बेटे हैं। अचानक हुई घटना से परिवार में कोहराम मचा है।
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खतरनाक चलन...फसल बचाने में जा रही जानें
जिले में मवेशियों से फसल बचाने के लिए खेतों में करंट युक्त तार लगाने का चलन बढ़ रहा है। कुछ किसानों का कहना है कि हल्का झटका देने वाली मशीन फसल सुरक्षा के लिए ठीक है, लेकिन सीधे बिजली की लाइन से जोड़ना जानलेवा हो सकता है। पूर्व में ऐसे मामलों में गैरइरादतन हत्या के मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं। रामसनेहीघाट थानाध्यक्ष अंकित त्रिपाठी ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।