भवानियापुर खेवली गांव में कुल्हड़ बनाती जानकी देवी।
- फोटो : भवानियापुर खेवली गांव में कुल्हड़ बनाती जानकी देवी।
रामसनेहीघाट। बनीकोडर ब्लॉक क्षेत्र के लालपुरवा मजरे भवानियापुर खेवली की रहने वाली कक्षा 10 तक पढ़ी जानकी देवी ने मिट्टी के कुल्हड़ बनाकर न केवल अपने जीवन को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग से प्राप्त पांच लाख रुपये के ऋण का बुद्धिमानी से उपयोग करते हुए, उन्होंने कुल्हड़ निर्माण की एक सफल इकाई स्थापित की है। जानकी की कहानी दिखाती है कि कैसे दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
जानकी देवी की उद्यमिता की यात्रा सरल नहीं थी। बैंक से ऋण प्राप्त करने के बाद, उन्होंने कुल्हड़ निर्माण की फैक्ट्री स्थापित की। शुरुआत में उन्हें कई अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पादन प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतें और बाजार में पैठ बनाना शामिल था। हालांकि, उन्होंने अपनी लगन और धैर्य से इन बाधाओं को पार किया। आज उनकी इकाई प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही है, जो उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक संबल है।
मांगलिक आयोजन की सहालग में कुल्हड़ों की मांग ज्यादा होती है। स्थानीय होटलों के अलावा आसपास के जिलों फैजाबाद, लखनऊ और अयोध्या जैसे दूरदराज के इलाकों तक भी पहुंच रहे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है। जानकी देवी चार बेटे और एक बेटी है। जिनकी अच्छी पढ़ाई के प्रति भी जानकी सजग हैं।