बाराबंकी। लाभांश बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को कोटेदारों ने जीआईसी मैदान से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचे कोटेदारों ने अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें मांग की है कि जब तक हड़ताल चल रही है, तब तक कोटेदारों पर अनाज वितरण का दबाव न बनाया जाए।
डीएम को सौंपे ज्ञापन में उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद की जिलाध्यक्ष रीता वर्मा ने कहा है कि अन्य प्रदेशों जैसे हरियाणा, गोवा, केरल, में 200 रुपये, महाराष्ट्र में 150 रुपये, राजस्थान में 125 रुपये प्रति क्विंटल कोटेदारों को कमीशन दिया जाता है, जबकि गुजरात में 20000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जा रहा है। इसी प्रकार प्रदेश के कोटेदारों को भी 200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कमीशन दिया जाए, इसी को लेकर सभी कोटेदार हड़ताल पर हैं।
आरोप लगाया कि अधिकारी हड़ताल समाप्त करने और बुधवार से अनाज का वितरण कराने का दबाव बना रहे हैं जो पूरी तरह से गलत है। जब तक हड़ताल चल रही है, तब तक वितरण का दबाव न बनाया जाए। इसके अलावा एक जगह पर तीन साल से जमे पूर्ति निरीक्षकों का तबादला किया जाए। स्टाॅक रजिस्टर के नाम पर कोटेदारों का शोषण बंद किया जाए। इसके अलावा ऑफिसों में तैनात निजी कर्मियों को भी हटाया जाए। इस मौके पर अंकित वर्मा, प्रकाश सिंह, अखिलेश वर्मा, राजेंद्र प्रसाद, प्रेम कुमार, सैफुल्ला हक, गजेंद्र सिंह, अरविंद वर्मा, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।