राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत तीन बच्चों को नया जीवनदान मिलने जा रहा है जिसमें एक छह माह के मासूम की सर्जरी हो चुकी है और बाकी के दो बच्चों के दिल का ऑपरेशन होना बाकी है। सभी परिवार के सामने अपने बच्चों के दिल में छेद होने पर इलाज के लिए पैसे की समस्या पहाड़ बनकर खड़ी थी। आरबीएसके योजना के तहत मासूम की सर्जरी होने के बाद मां-बाप के अरमान पूरे हो गए।
पूरडलई ब्लॉक के पूरेपांसू मजरे कायमापुर निवासी कमलेश के छह माह के पुत्र सुनील के बचपन से ही दिल में छेद था। जिससे बच्चे का स्वास्थ्य गिरता जा रहा था। कायमापुर आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत मासूम की बीते एक जून को स्क्रीनिंग की गई तो स्पष्ट हुआ। आरबीएसके के जिला मैनेजर डॉ. अवधेश ने मासूम को सर्जरी के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजवाया जहां पर मासूम की सर्जरी कराकर उसे जीवनदान मिला है। पिता कमलेश ने बताया कि वह आपरेशन में खर्च होने वाले चार लाख रुपये जुटाने में पूरी तरह से असमर्थ था। विभाग द्वारा आर्थिक मदद मिलने पर उसके बेटे की जान बची है।
15 जुलाई को कंचन की होगी सर्जरी
हैदरगढ अंसारी निवासी अहरवादीन का परिवार मजदूरी के सहारे जीवन यापन कर रहा है। ऐसे में बेटी कंचन (17) को दिल की गंभीर बीमारी से परिवार पूरी तरह टूट चुका था। गांव के ही सरकारी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा को स्कूल में हालत बिगड़ने पर बीते 16 अप्रैल को सीएची हैदरगढ़ में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम को सूचना दी थी। ब्लॅड कम होने के कारण उसे 15 जुलाई आपरेशन की तारीख दी गई ।