सिद्धौर। स्थानीय नगर पंचायत करीब 18 साल पहले गरीबों और निराश्रितों के लिए निर्मित काशीराम कॉलोनी बदहाल हो गई है। एक समय था जब इस कॉलोनी में पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन अब हालात बेहद चिंताजनक है। वहां रहने वालों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
कॉलोनी में चारों ओर गंदगी फैली हुई है। नालियां बजबजा रही हैं और कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। अव्यवस्था के कारण संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। सफाई कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति न होने से स्थिति और भी बदतर हो गई है। शुद्ध पेयजल के लिए बनाई गई पानी की टंकी भी जर्जर हालत में है। स्वच्छ पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। पांच इंडिया मार्का हैंडपंपों में से दो लंबे समय से खराब पड़े हैं, इससे समस्या और बढ़ गई है। कॉलोनी में कुल 96 आवास आवंटित किए गए थे, लेकिन वर्तमान में केवल लगभग 25 परिवार ही यहां रह रहे हैं। कॉलोनी के शान मोहम्मद, सतीश, गुड्डी, शकील और रेशमा खातून ने बताया कि शाम ढलते ही बाहरी और अराजकतत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। इससे महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को खतरा है। कॉलोनी की गंदगी, पानी की समस्या और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर नगर पंचायत प्रशासन से कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
अधिशासी अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी का कहना है कि मामले की जांच कराकर बिजलीए पानी जैसी सुविधाएं बहाल की जाएंगी। उचित कदम उठाए जाएंगे। संवाद