बाराबंकी। बस्तों के बीच छिपी कलात्मक प्रतिभाओं को अब राष्ट्रीय कैनवास पर उतारने का मौका मिलेगा। यह संभव होगा कलांतर-2026 कला महोत्सव के जरिये। बच्चों में छिपे हुनरमंदों की रचनात्मकता को नई पहचान देने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
जिले के सभी बोर्डों के हाईस्कूल तथा इंटर कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर दिया जा रहा है। 15 अगस्त तक चलने वाली ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के तहत छात्र सीधे अपनी प्रविष्टियां भेज सकेंगे। योजना की पहुंच ग्रामीण अंचल तक सुनिश्चित करने के लिए जीआईसी प्रधानाचार्य को जनपदीय तथा सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालय प्रमुखों को ब्लॉक स्तरीय नोडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रचनात्मकता को राष्ट्रीय मंच
कलांतर आर्ट फाउंडेशन के माध्यम से संचालित कलांतर एक राष्ट्रीय कला महोत्सव है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच तथा कलात्मक कौशल को नया आयाम देना है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय तथा यूजीसी के सहयोग से इसका दायरा तय होता है।
प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देशों पर विद्यालयों में इसकी शुरुआत की गई है। प्रतिभागी संस्था की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर विद्यार्थी अपना ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। इसके माध्यम से प्रतिभावान छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से जुड़ने का सीधा अवसर मिलता है।
कलांतर-2026 विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर उभारने का एक सशक्त माध्यम है। सभी माध्यमिक विद्यालयों को व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्र समय से पंजीकरण कराकर इसमें भाग ले सकें।
-अमिता सिंह, डीआईओएस