शहर से गुजरे लखनऊ- अयोध्या मुख्य मार्ग पर निर्माणधीन पुल पर हो रहा छत ढलाई का कार्य।
बाराबंकी। शहर के बीचोबीच से गुजरे लखनऊ-अयोध्या पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित जमुरिया नाले का पुल पिछले चार पांच महीनों से निर्माणाधीन है, जिससे पूरे शहर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। राहगीर एक संकरे पुल से ही रोज यातायात पुलिस की निगरानी में वहां गुजर रहे हैं।
यह मार्ग बाराबंकी शहर के सबसे व्यस्त रूटों में से एक है और पुल बंद होने से रोजाना हजारों वाहन वैकल्पिक रास्तों से गुजरने को मजबूर थे। नतीजतन, जाम की स्थिति बनी रहती थी। एंबुलेंस तक घंटों फंसी रहती। वहीं स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। इतना ही नहीं मरम्मत के दौरान लापरवाही के चलते पुल निर्माण में कार्यरत एक मजदूर की मौत भी हो चुकी है। अमर उजाला ने इस गंभीर समस्या को लगातार उठाया। कई ग्राउंड रिपोर्ट और समाचार प्रकाशित होने के बाद आखिरकार विभाग की नींद खुली और कार्य की गति तेज की गई। अब पुल निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है और रविवार को पुल पर छत ढलाई का काम जारी है। अधिकारियों का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर पुल को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा, जिसके बाद रोजाना लगभग 30,000 वाहनों का आवागमन सुचारु हो सकेगा।
नाले के तेज बहाव सहेगा पुल
उच्च गुणवत्ता वाले आयरन-गर्डर, मशीन कटिंग, लेज़र अलाइमेंट और हाईटेक कंक्रीट फॉर्मूले का उपयोग किया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न पैदा हो। पूरा स्ट्रक्चर पुराने डिजाइन से अधिक मजबूत होगा और जलभराव या नाले के तेज बहाव का दबाव आसानी से सह सकेगा।
- राजीव कुमार राय, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग