बाराबंकी। कोरोना काल में स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा मजबूत करने में जुटी सरकार मैनपावर की कमी को तीसरी लहर से पहले दूर करना चाह रही है। ऐसे में सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर मौके भी दे रही है।
अब सरकार सरकारी अस्पतालों में स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट के संचालन के लिए विभिन्न ट्रेड में आईटीआई का डिप्लोमा लेने के बावजूद बेरोजगार युवकों को रोजगार देगी। इसको लेकर ऐसे युवकों की सूची आईटीआई के नोडल प्रधानाचार्य ने संयुक्त निदेशक अयोध्या को भेज दी है।
कोविड-19 की वैश्विक महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत व अस्पतालों में बेड व पैरामेडिकल स्टाफ की समस्या को लेकर सरकार लाचार सी दिखी। हालांकि ऐसे हालात में लगातार प्रयास व नए-नए प्रयोग ने सरकार की राह आसान की और कोरोना कंट्रोल में सफलता मिली। मगर, संभावित तीसरी लहर को लेकर सरकार कोई कोरकसर बाकी नहीं रखना चाहती।
ऐसे में जहां जिले में जिला अस्पताल, संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर व सीएचसी सिद्धौर में ऑक्सीजन प्लांट लगा रही है, वहीं हैदरगढ़, रामसनेहीघाट व घुंघटेर में ऑक्सीजन प्लांट लगाना प्रस्तावित है।
ऐसे में इन प्लांटों के शुरू होने पर ऑपरेटर व मैकेनिक आदि की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसको लेकर इलेक्ट्रीशियन, फिटर, इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिकल व वेल्डर ट्रेड में आईटीआई का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके बेरोजगार युवकों की सूची आईटीआई के नोडल प्रधानाचार्य से शासन स्तर से मांगी गई थी।
इसके बाद यह सूची प्रधानाचार्य दीपक यादव ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त निदेशक डीके सिंह को भेज दी है। वहीं इस संबंध में विभागीय मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी प्रधानाचार्य से बात की। आईटीआई पास बेरोजगार युवकों का चयन कर उन्हें दो माह का प्रशिक्षण देकर ऑक्सीजन प्लांटों के मेंटीनेंस के लिए तैनाती दी जाएगी। (संवाद)
नोडल आईटीआई दीपक कुमार यादव ने बताया कि अस्पताल में स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट की मेंटीनेंस को लेकर ऑपरेटर व मकैनिक के पदों पर विभिन्न ट्रेड में आईटीआई करने वाले बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। इसको लेकर शासन स्तर से ऐसे प्रशिक्षणार्थियों की सूची मांगी गई थी जो उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही उनका चयन करने के बाद दो माह का प्रशिक्षण देकर तैनाती की जाएगी।