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200 ग्राम पंचायतों से वापस होगी 10 करोड़ की धनराशि

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बाराबंकी। ग्राम पंचायतों के खातों में उपलब्ध स्वच्छ भारत मिशन के करीब 10 करोड़ रुपये वापस होंगे। करीब 200 पंचायतों को यह धनराशि गांवों में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए दी गई थी लेकिन लाभार्थियों की गलत फीडिंग और कइयों के बैंक खातों में गड़बड़ी के चलते यह बजट ग्राम निधि-6 के खातों में डंप पड़ा हुआ था।
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पंचायत राज निदेशालय के निर्देश पर डीपीआरओ कार्यालय से इस धनराशि को वापस करने को कहा गया है। वापस होने वाली यह धनराशि दोबारा चयनित सूची के लाभार्थियों को सीधे पीएफएमएस प्रणाली के तहत उनके खातों में भेजी जाएगी।
केंद्र सरकार ने हर घर में शौचालय की मंशा के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को बजट उपलब्ध कराया था। ग्राम निधि-6 के खातों से लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में छह-छह हजार रुपये देने थे लेकिन लाभार्थियों की सूची में गलत फीडिंग के साथ कइयों के बैंक खातों में गड़बड़ी के चलते करीब 200 ग्राम पंचायतों की लगभग 10 करोड़ की धनराशि हस्तांतरित नहीं की गई थी।
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जो कई महीनों से ग्राम निधि-6 के खातों में डंप पड़ी हुुई थी। नए ग्राम प्रधान इस धनराशि का गलत उपयोग न कर सकें, इसके लिए पंचायती राज निदेशालय ने इस धनराशि को वापस मांगा है। पत्र मिलने के बाद डीपीआरओ कार्यालय से इस पर कार्यवाही शुरू हो गई है।
दो सौ ग्राम पंचायतों में से जिन गांवों में नए प्रधानों ने शपथ ले ली है, उन पंचायतों के ग्राम निधि खाता-6 में उपलब्ध धनराशि को वापस करने में देरी लग सकती है। इनमें करीब ऐसी चार दर्जन ग्राम पंचायतें हो सकती हैं क्योंकि शपथ लेने के बाद नवनिर्वाचित प्रधानों के बैंकों में खाता संचालन के साथ डिजिटल हस्ताक्षर आदि की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी है।
डीपीआरओ रणविजय सिंह ने बताया कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की धनराशि खातों में पड़ी थी। इनमें कुछ रकम ब्याज का भी शामिल है। इसे वापस करने के निर्देश मिले हैं। अब शौचालय निर्माण की धनराशि लाभार्थी के खातों में सीधे भेजी जाएगी।
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