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Barabanki News: पांच करोड़ खर्च के बाद भी अधूरा आईटीआई भवन

Tue, 29 Jul 2025 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। किंतूर गांव में बन रहा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का भवन बीते 12 साल से अधूरा पड़ा है। इस भवन को बनाने के काम में अब तक पांच करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। भवन भले ही पूरा न बना हो लेकिन कागजों पर यहां आईटीआई संचालित हो रहा है। इसका संचालन 45 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय के निकट जहांगीराबाद महुआमऊ के नोडल आईटीआई से किया जा रहा है।
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तहसील सिरौलीगौसपुर मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर किंतूर गांव में वर्ष 2013-14 में अल्पसंख्यक विभाग ने आईटीआई भवन के निर्माण का काम शुरू किया था। इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश जल निगम को सौंपी गई थी। यह निर्माण कार्य 498 लाख की लागत से निर्माण शुरू हुआ था। कार्य की धीमी रफ्तार के कारण 12 साल बाद भी भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
वर्ष 2017 में शासन ने आईटीआई में अनुदेशक, लिपिक संवर्ग सहित आठ पद सृजित कर प्रवेश के लिए 400 सीटें भी आवंटित कर दी। मगर भवन निर्माण पूरा नहीं हो पाने से किंतूर आईटीआई के नाम से दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए 45 किलोमीटर दूर नोडल आईटीआई जहांगीराबाद महुआमऊ तक जाना पड़ता है।
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बीच में छोड़ना पड़ी पढ़ाई
फोटो- 06
वर्ष 2018 में रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग ट्रेड में किंतूर आईटीआई से दाखिला लिया था। पढ़ने जिला मुख्यालय से भी पांच किलो मीटर आगे महुआमऊ जहांगीराबाद जाना पड़ता था। ज्यादा दूरी होने के कारण नियमित कॉलेज नहीं जा पा रहे थे। इस लिए पढ़ाई बीच में ही छोड़ना पड़ी।
योगेंद्र मौर्य

निश्चित उपस्थिति बनाए रखना चुनौती
फोटो- 07
नोडल आईटीआई में नियमित तौर पर समय से आने का दबाव बनाया जाता है। दूरी अधिक होने के कारण समय से पहुंच पाना मुश्किल होता है। ऐसे में परीक्षा में शामिल होने के लिए तय उपस्थिति का प्रतिशत पूरा करना बड़ी चुनौती रहता है।
शुभम मौर्य, छात्र
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दूरी के कारण अधिक हो रहा है खर्च-
फोटो- 08
दाखिला आईटीआई किंतूर में और पढ़ने के लिए 45 किलोमीटर दूर जहांगीराबाद जाना पड़ रहा है। इससे प्रतिदिन आने-जाने में ही 150 से 200 रुपये तक का खर्च हो जाता है। वहां रुकने का भी कोई उचित स्थान नहीं है।
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