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Barabanki News: नदी में समाया इटहुआ, डूबने से बालक की मौत

Sat, 12 Aug 2023 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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कोटवाधाम/सूरतगंज (बाराबंकी)। सरयू नदी का कहर बाढ़ पीड़ितों पर भारी पड़ने लगा है। तराई के इटहुआ पूर्व गांव को नदी का पानी बहा ले गया। रामनगर के करमुल्लापुर गांव के 10 मकान नदी में समा गए हैं। वहीं टिकैतनगर क्षेत्र में एक बालक की नदी में डूबकर माैत हो गई। चार दिनों से बाढ़ से प्रभावित 50 से अधिक गांवाें की 25 हजार आबादी दर-दर भटकने को मजबूर है। जिम्मेदारों की ओर से पीड़िताें की समस्याओं को गंभीरता से न लिए जाने से उनका दर्द दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है।
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चार दिन से खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू नदी के कारण रामनगर व सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के करीब 55 गांवों में बाढ़ आ गई है। सिरौलीगौसपुर का इटहुआ पूर्व गांव पहले से ही नदी के निशाने पर रहा है। शुक्रवार को करीब 50 घर वाला पूरा गांव नदी में समा गया। सोहनलाल का कच्चा घर कट जाने के बाद अब गांव में एक भी घर नहीं बचा है। ग्रामीण अस्थायी आशियाना बनाकर गुजर-बसर कर रहे हैं। इस गांव में इतनी तेज कटान हो रही है कि लोग अपना सामान भी नही निकाल पा रहे हैं।


बिजली के करीब 40 खंभे नदी में समा चुके हैं। वहीं, रामनगर तहसील के करमुल्लापुर गांव के जगदीश, लक्ष्मण, प्रेम, केशवराम, राधेश्याम, कमलेश, नंदन आदि समेत 10 लोगों के मकान नदी में समा गए हैं। गांव के सोमवारी, मन्ना, ननकू, अवध राम, श्रीराम, रामतेज रमेश, श्यामलाल, संतोषी सहित 20 लोगों के मकान नदी के मुहाने पर हैं। जनपद की सीमा से सटे गोंडा जिले के उल्टाहवा मांझा पसका गांव निवासी लाल बहादुर का पुत्र महेश (10) टिकैतनगर क्षेत्र में नदी उस पार स्थित ग्राम लिलार मांझा असवा में शुक्रवार को भैंस चराने के लिए तटबंध पर गया था। वह नदी किनारे ऊंचे स्थान पर बैठकर भैंस चरा रहा था।
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पानी में बैठी भैंस को बाहर निकालने के लिए वह गहरे पानी में उतर गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने डूब रहे महेश को पानी से किसी तरह बाहर निकाला। वह बेहोश हो चुका था। ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। एसएचओ अंगद प्रताप सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।





चार लाख क्यूसेक पानी फिर नदी में छोड़ा
शुक्रवार को को नदी का जलस्तर कम हुआ है। खतरे का निशान 106.070 मीटर पर है। मगर शुक्रवार को नदी का जलस्तर 106.456 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि शुक्रवार को नेपाल के तीन बैराजों से चार लाख क्यूसेक पानी फिर सरयू में छोड़ा गया है।






बाढ़ प्रभावित इलाकों में खाना बांटा जा रहा है। हर प्रभावित गांव के पास नाव का इंतजाम कर कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। तटबंधों पर बसर करने वाले परिवारों का हालचाल लगातार लिया जा रहा है। पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था की गई है।
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-अरुण कुमार, एडीएम
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