बाराबंकी। गर्भवती महिलाएं स्वस्थ रहें, इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, परंतु इसका लाभ अस्पताल में भर्ती होने वाली प्रसूताओं को नहीं मिल रहा है। परिजन घर से खाना लाकर प्रसूताओं को खिला रहे हैं। जबकि अस्पताल से सुबह नाश्ता और दोपहर तथा रात में खाना दिए जाने का आदेश है। इसके बाद भी कई अस्पतालों में इस आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है।
सीएचसी घुंघटेर में भर्ती यहीं की रहने वाली पम्मी (20) व अखाईपुर निवासी मीरा (26) ने बताया कि दो दिन से अस्पताल में भर्ती हू्ं। न तो सुबह का नाश्ता ही मिला है और न ही दोपहर और रात में भोजन दिया जाता है। हम लोगों का खाना घर से बनकर आ रहा है। इसी प्रकार सीएचसी कोठी पर भर्ती प्रसूताओं को भोजन की सुविधा नहीं मिल रही है। गुमटा निवासी कंचन, पहाड़ाप़ुर निवासी कमलेश दाे दिन से अस्पताल में भर्ती हैं।
सुबह प्रसव हुआ, परंतु न तो रात में खाना ही दिया गया है और न ही सुबह नाश्ता। इसी प्रकार सीएचसी त्रिवेदीगंज में भर्ती अलमापुर की रेखा ने बताया कि सुबह सिर्फ नाश्ता दिया गया है, लेकिन दो दिन हो गए भोजन के नाम पर कुछ भी नहीं दिया गया। जबकि अस्पताल में भर्ती होने वाली प्रसूताओं को नाश्ता, दोपहर और रात में भोजन दिए जाने की व्यवस्था है। इसके बाद भी कई अस्पतालों में प्रसूताओं को नाश्ता और भोजन कुछ नहीं मिल रहा है। वहीं जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं है।
सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि सभी अस्पतालों में प्रेरणा कैंटीन के माध्यम से प्रसूताओं को भोजन उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। यदि किसी अस्पताल में ऐसा नहीं हो रहा है ताे इसकी जांच कराई जाएगी।