जनेस्मा के सामने दुकानों को ट्रॉली में भरकर ले जाते नगरपालिका के कर्मचारी। -संवाद
बाराबंकी। पहले नोटिस फिर चेतावनी का भी जब असर नहीं हुआ तो प्रशासनिक अधिकारी शनिवार को बुलडोजर लेकर पहुंच गए। बुलडोजर देख चबूतरों पर रखीं लोहे की दुकानों को संबंधित लोगों ने हटाना शुरू कर दिया। जिन चबूतरों से लोहे की दुकानें हटीं, उन्हें बुलडोजर ने खोदकर बराबर कर दिया।
शनिवार सुबह 10 बजे से शाम तक अभियान जारी रहा। जिन लोगों ने टिनशेड व बांस के शेड नहीं हटाए, उन्हें बुलडोजर से हटाया गया। नुकसान से बचने के लिए संबंधित लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली मंगाकर अपनी लोहे की दुकानें उठाकर ले जाते दिखे। अधिकारी मोहलत मांगने वालों को तत्काल चबूतरा खाली करने की हिदायत देते रहे।
जनेस्मा के सामने सब्जी बेचने के लिए वर्ष 2015 में 108 चबूतरे आवंटित किए गए थे। इनमें से 84 चबूतरों पर लोहे की दुकानें रख दी गईं। दुकानों के सामने पटरी पर सब्जी की दुकानें लगने लगीं और ग्राहक सड़क पर वाहन सहित खड़े होने लगे। इससे जाम की स्थिति बनी रहती थी।
दो माह पहले नगर पालिका ने चबूतरों का सर्वे कराया। 84 चबूतरों पर शर्तों के विपरीत रखी मिलीं लोहे की दुकानें हटाने के लिए नोटिस दिया था। चार फरवरी को डीएम शशांक त्रिपाठी ने मौके पर जाकर अंतिम चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया था। शनिवार को तहसीलदार शरद सिंह, सीओ सदर हर्षित चौहान व नगर पालिका के ईओ संजय कुमार शुक्ल सहित अन्य अधिकारी पुलिस बल के साथ सुबह से शाम तक डटे रहे।