बाराबंकी। शालीमार पैराडाइज में ठेकेदार अजय सिंह बघेल के विला में हुई करीब 10 करोड़ की चोरी की जांच अब एसटीएफ करेगी। एसटीएफ अपनी तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिये पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और संदिग्ध गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। पांच पुराने नौकर रडार पर हैं।
गोरखपुर निवासी अजय सिंह बघेल शालीमार पैराडाइज के एक विला में किराए पर रहते हैं। 19 अप्रैल को वह परिवार सहित गोरखपुर गए थे। 30 अप्रैल को वापस लौटने पर घर का मुख्य दरवाजा बंद मिला, लेकिन बेडरूम के अंदर अलमारी टूटी हुई थी और उसमें रखे करीब 10 करोड़ रुपये के हीरे, सोने, चांदी व पन्ने के बने जेवर व लाइसेंसी असलहा गायब था।
27 अप्रैल को चोरों ने घर में घुसकर सीसीटीवी सिस्टम को निष्क्रिय कर पूरी वारदात को अंजाम दिया। सबसे अहम बात यह है कि घर की एक चाबी अजय सिंह ने छिपाकर रखी थी, जबकि दूसरी चाबी पड़ोसी को दी गई थी, ताकि ड्राइवर और मेड सफाई के लिए आ सकें। यही बिंदु अब जांच का केंद्र बन गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पहले क्राइम ब्रांच की तीन टीमें लगाई गई थीं, लेकिन अब एसटीएफ के जुड़ने से जांच और तेज हो गई है।
पुलिस ने शालीमार पैराडाइज के मुख्य गेट से अंदर आने-जाने वाले लोगों का रिकॉर्ड खंगाला है और आसपास के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा चुकी है। एसटीएफ भी घटनास्थल पर पहुंची और वहां से अहम सुबूत जुटाए। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि मामले में अब तक छह सात लोगों से पूछताछ हो चुकी है। कुछ सुराग हाथ लगे हैं।