बाराबंकी। 10 दिन पहले अयोध्या में सरयू एक्सप्रेस में महिला सिपाही के साथ दरिंदगी के मामले की जांच एसटीएफ कर रही है और महिला सिपाही का इलाज केजीएमयू में चल रहा है। यह महिला सिपाही वर्ष 2004 में बाराबंकी में भी तैनात रही। इस दौरान उसने दो लोगों पर अपहरण, हमले आदि का केस दर्ज कराया था, जिनको अदालत ने सजा सुनाई थी। इसलिए जांच की आंच बाराबंकी तक भी पहुंची है।
बाराबंकी के सम्मन सेल में तैनात रही महिला सिपाही ने 13 अक्टूबर 2004 को दो लोगों पर शहर कोतवाली में अपहरण कर लूट व हमला करने का केस दर्ज कराया था। इस मामले में 14 जुलाई 2009 को अदालत ने दो लोगों को सजा सुनाई थी। तब महिला सिपाही शोहदों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चर्चित थी। उस समय महिला सिपाही की कहासुनी एक नेता के करीबी से भी हुई थी। सिपाही इस समय सुल्तानपुर में तैनात थी और अयोध्या ड्यूटी पर जाने के दौरान वह ट्रेन में खून से लथपथ मिली थी। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि इसे लेकर सारी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है।