सावन के तीसरे सोमवार को लोधेश्वर महादेवा समेत जिले के सभी शिव मंदिरो में भोलेबाबा के जयकारों की गूंज रही। भोलेनाथ की पूजा अर्चना के लिए लोधेश्वर महादेवा मेें जहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, वहीं जिले भर के शिवालयों में पूरे दिन पूजा अर्चना को लेकर भक्तों की भीड़ लगी रही। सुबह आसमान में छाई बदली के कारण मौसम सुहावना रहा लेकिन ग्यारह बजे से तेज धूप के बाद भी शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ।
भूतभावन शंकर भगवान की उपासना के विशेष माह सावन के तीसरे सोमवार पर भोर से ही हाथ में गंगा जल से भरा लोटा उसमें बिल्वपत्र, अक्षत, धतूरा और पुष्प से जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। चारों तरफ हर-हर बम-बम की गूंज रही। लोधेश्वर महादेवा में अव्यवस्था आस्था के आगे नतमस्तक दिखाई पड़ी। सुबह आसमान में छाए बादलों से मौसम खुशगवार रहा। लेकिन ग्यारह बजे के बाद तेज धूप निकली।
लोधेश्वर महादेवा में कई जिलों से जलाभिषेक करने आए शिवभक्तों का उत्साह तेज धूप बाद भी कम नहीं हुआ। सुबह करीब पांच बजे शिवभक्तों के होेठों पर बम-बम, जय भोले के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो गया। लोधेश्वर में महिलाओं ने घंटों लाइन में लगकर जलाभिषेक किया। मंदिर पर जुटी भक्तों की भीड़ को काबू करने के लिये पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
रामनगर स्थित पौराणिक लोधेश्वर महादेवा में रविवार की रात से ही शिवभक्तों की भारी भीड़ पहुंच गयी थी। रविवार रात से ही शिवभक्तों की लंबी लाइन लगने लगी थी। हर-हर महादेव, ओम नम: शिवाय के जयकारों के बीच मंदिर के कपाट खुलते ही शुरू हुई पूजा अर्चना सोमवार की देर शाम तक चलती रही। शिवभक्तों की भीड़ के कारण बुढ़वल चौराहे से महादेवा तक जाम की स्थिति रही।
अव्यवस्था के बीच शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक
लोधेश्वर महादेवा मंदिर के पास बने अभरन तालाब के पश्चिम में प्रकाश व्यवस्था काफी खराब रही। बिजली पूरी रात आंख मिचौली करती रही। अभरन तालाब में गंदगी रही। बोहनिया तालाब के आसपास व मार्ग पर गंदगी का कब्जा रहा। बुढ़वल रेलवे स्टेशन से केसरीपुर तक लाइट व्यवस्था नहीं रहने से शिवभक्तों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मेला में महिलाओं ने खूब खरीदारी की।
कैलाश आश्रम में हुआ रुद्राभिषेक व भव्य श्रंगार
शहर में सावन के तीसरे सोमवार को पूजा-अर्चना करने वालों की भारी भीड़ लगी रही। भक्तों ने व्रत रखकर शिव का जलाभिषेक किया। शहर के कैलाश आश्रम में रुद्राभिषेक किया गया और शाम को शिवलिंग का भव्य शृंगार किया गया। नागेश्वर नाथ मंदिर, लखपेड़ाबाग स्थित शिव मंदिर, धनोखर मंदिर, जंगलेश्वरनाथ मंदिर सहित शहर के सभी शिवमंदिरों में भक्तिमय माहौल रहा।
अवसानेश्वर मंदिर में भी जुटे भक्त
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। सावन के तीसरे सोमवार को गोमती नदी के तट पर स्थित अति प्राचीन अवसानेश्वर मंदिर में शिवभक्तों ने देर शाम तक पूजा अर्चना की। रविवार रात से ही पहुंचे शिवभक्तों ने गोमती नदी में स्नान कर जलाभिषेक किया।
त्रिवेदीगंज के शिवनाम में पौराणिक शिवलिंग के दर्शन कर जलाभिषेक किया। शिवभक्तों की भीड़ सुबह से शाम तक बनी रही। कस्बे में रामेश्वरम शिवाला, किल्लेश्वर महादेव, बरांवा में नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों की भीड़ जुटी रही। सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से शाम तक शिवभक्तों का तांता लगा रहा।
कुंतेश्वर महादेव किन्तूर में सुबह से ही भक्तों ने पूजा अर्चना शुरू कर दी। इसके अलावा मातन मंदिर बदोसरांय, जंगलेश्वर महादेव मंदिर त्रिवेदी पुरवा तथा ओंमकारेश्वर महादेव मंदिर खजुरिहा व रमसहाय स्थित शिव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रही।