कलेक्ट्रेट में अभिलेखागारों का निरीक्षण करते कमिश्नर राजेश कुमार।
बाराबंकी। कमिश्नर राजेश कुमार ने मंगलवार को सिरौलीगौसपुर तहसील का निरीक्षण किया। इस दौरान कैंटीन और सोलर प्लांट बंद मिलने पर नाराजगी जताते हुए संचालित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कार्यालयों, अभिलेखागारों और न्यायालय शाखाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने तहसील परिसर में उपस्थित फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना और गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी व संतुष्टि आधारित निस्तारण पर जोर दिया।
कमिश्नर ने ब्लॉक मुख्यालय के पीछे चल रही प्रेरणा कैंटीन को सड़क किनारे स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि आय बढ़ सके। तहसील मुख्यालय में आठ वर्ष से बंद पड़े सोलर प्लांट को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और उसे तत्काल चालू करने के निर्देश दिए। माल बाबू कक्ष में बाहरी लोगों की उपस्थिति पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। संग्रह कार्यालय में 34 लाख रुपये की आरसी जारी होने के बावजूद धीमी वसूली पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। कार्मिकों की सेवा संबंधी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने और कर्मचारियों को मानव सम्पदा पोर्टल पर अपनी जानकारी रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर अपर आयुक्त अजयकांत सैनी, सीडीओ अन्ना सुदन, एडीएम निरंकार सिंह, जाइंट मजिस्ट्रेट गुुंजिता अग्रवाल, तेजस के. एसडीएम आनंद तिवारी मौजूद रहे।
90 प्रतिशत निस्तारित मिलीं आईजीआरएस की शिकायतें
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में कमिश्नर ने विभिन्न अभिलेखागारों और कार्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रखरखाव और जनसेवा से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस के लगभग 90 फीसदी प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण हुआ है, जो जिलाधिकारी और उनकी टीम के बेहतर समन्वय का परिणाम है। निरीक्षण के दौरान आपदा कंट्रोल रूम, ई-डिस्ट्रिक्ट कंप्यूटर लैब और सदर नजारत कार्यालय जैसी व्यवस्थाओं को देखा गया। कमिश्नर ने बताया कि अधिकतर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, हालांकि कुछ स्थानों पर मामूली कमियां मिली हैं जिन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।