हैदरगढ़ (बाराबंकी)। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के करीब औद्योगिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई दर निर्धारण समिति की रिपोर्ट पर स्वीकृति होते ही शुरू हो जाएगी। कॉरिडोर में औद्योगिक गतिविधियां शुरू होने पर क्षेत्र में विकास को गति व रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जागी है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के करीब औद्योगिक कॉरिडोर बनाकर क्षेत्र में विकास व रोजगार को बढ़ावा देने की शासन की कवायद तीन साल से चल रही है। पहले बारा फिर खरसतिया के पास कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव किसानों के विरोध के चलते परवान नहीं चढ़ सका था, लेकिन डीएम सत्येंद्र कुमार की पहल पर अब औद्योगिक कॉरिडोर का सपना साकार होने को है। बम्हरौली, सतरही, अंदऊमऊ, बहरामपुर, पेचरुआ की एक्सप्रेसवे के करीब 243.2 हेक्टेयर भूमि का चिह्नांकन कर सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं।
जिला दर निर्धारण समिति की रिपोर्ट कमिश्नर अयोध्या को भेजी गई थी, जहां से स्वीकृति मिलने पर यूपीडा को भेजी जाएगी। कॉरिडोर निर्माण से जुड़े अधिकारियों की मानें तो जल्द ही किसानों से भूमि की रजिस्ट्री कराने का कार्य शुरू हो जाएगा। औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र में परिवहन व सड़कों में सुधार सहित अन्य विकास कार्य होने तथा रोजगार के अवसर बढ़ने को लेकर युवा उत्साहित हैं। एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि नए साल के पहले महीने में ही औद्योगिक कॉरिडोर के लिए भूमि की रजिस्ट्री कराना शुरू करा दिया जाएगा।